ब्राज़ील पर 50 प्रतिशत टैरिफ की अमेरिकी घोषणा: ट्रंप ने बोलसोनारो की सुनवाई को बताया “डायन शिकार”

🗓️ 10 जुलाई 2025, वाशिंगटन डीसी (यूएस)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राज़ील से आयातित सभी उत्पादों पर 1 अगस्त 2025 से 50 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व ब्राज़ीली राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रही अदालती कार्यवाही को “एक अंतरराष्ट्रीय बदनामी” और “डायन शिकार (Witch Hunt)” बताया है।
🔻 ट्रंप की नाराजगी: बोलसोनारो के लिए खुलकर समर्थन
ब्राज़ील के मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा को लिखे गए एक पत्र में ट्रंप ने कहा कि वे बोलसोनारो को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उन्हें “गंभीर रूप से सम्मानित नेता” मानते हैं। उन्होंने लिखा:
“मैंने राष्ट्रपति बोलसोनारो के साथ कार्य किया है और उन्हें उच्च सम्मान की दृष्टि से देखता हूँ, जैसा कि दुनिया के अन्य नेताओं के साथ किया जाता है। उनके साथ जो व्यवहार हो रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक शर्मनाक कृत्य है। यह सुनवाई तुरंत बंद होनी चाहिए।”
🔻 आरोप: ब्राज़ील में सोशल मीडिया पर सेंसरशिप और अमेरिका में हस्तक्षेप
ट्रंप ने ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सेंसर करने के लिए “गुप्त और अवैध” आदेश जारी किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन आदेशों के ज़रिए अमेरिका की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला किया गया है।
इसी के चलते, ट्रंप प्रशासन ने 1 अगस्त 2025 से ब्राज़ील से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर अलग से 50% टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। यदि कोई उत्पाद ट्रांज़िट होकर अमेरिका पहुँचता है, तो उसे भी यही शुल्क देना होगा।
🔻 व्यापारिक असंतुलन की ओर इशारा
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ब्राज़ील के बीच व्यापारिक रिश्ते “एकतरफा और असंतुलित” रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राज़ील वर्षों से टैरिफ और गैर-टैरिफ अवरोधों के ज़रिए अमेरिकी उत्पादों को नुकसान पहुँचा रहा है।
“हमने वर्षों तक ब्राज़ील के साथ निष्पक्ष व्यापार के लिए चर्चा की, लेकिन नतीजा हमेशा अमेरिका के खिलाफ गया। अब समय आ गया है कि हम इस असमानता को दूर करें।”
🔻 निष्कर्ष
ट्रंप की यह कार्रवाई न केवल ब्राज़ील-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में तनाव को और गहरा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने सहयोगियों के प्रति कितने मुखर हैं — खासकर उन नेताओं के लिए जो उनके विचारों से मेल खाते हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ब्राज़ील की सरकार इस टैरिफ निर्णय और ट्रंप के तीखे आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और वैश्विक व्यापारिक मंच पर इसका क्या असर पड़ता है।
