मार्च 30, 2026

बजट 2026 के बाद शेयर बाजार में उथल-पुथल: Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट, ब्रोकर स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित

0

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया, जिसके तुरंत बाद भारतीय शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। बजट के प्रमुख प्रस्तावों ने निवेशकों की भावनाओं पर सीधा असर डाला और Sensex और Nifty दोनों सूचकांक गिरावट में चले गए

STT में बढ़ोतरी से ब्रोकर स्टॉक्स में भारी गिरावट

बजट में फ्यूचर्स और ऑप्शन्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने की घोषणा की गई। इसका असर सबसे पहले ब्रोकर स्टॉक्स पर पड़ा।

  • MCX (Multi Commodity Exchange) के शेयर में 18.08% की गिरावट देखी गई और यह ₹2,068.40 पर बंद हुआ।
  • Billionbrains Garage Ventures (Groww की पैरेंट कंपनी) के शेयर 13% नीचे गए।
  • IIFL Capital Services 10.4% कम होकर ₹296.10 पर आया।
  • Angel One और Anand Rathi Share and Stock Brokers में भी क्रमशः 11.84% और 8.05% की गिरावट दर्ज हुई।

प्रमुख सूचकांक में उतार-चढ़ाव

बजट प्रस्तुति के तुरंत बाद, Sensex 1.87% गिरकर 80,731.49 अंक पर और Nifty 2.42% घटकर 24,597 पर आ गया। हालांकि, कुछ समय बाद बाजार धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ा, लेकिन दोनों सूचकांक अभी भी लाल क्षेत्र में ही रहे।

प्रमुख कंपनियों के शेयर प्रदर्शन

  • BSE में हरा झंडा: HDFC, Sun Pharma, TCS
  • BSE में लाल झंडा: Titan, Axis Bank, ITC, BEL
  • NSE में प्रमुख लाभार्थी: Maxhealth, Sun Pharma
  • NSE में प्रमुख हानि: Coal India, Tata Steel, Titan

बजट के अन्य प्रमुख प्रस्तावों का असर

  • विदेशी कंपनियों के लिए डेटा सेंटर लगाने पर कर छुट की घोषणा।
  • छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस
  • बायोफार्मा सेक्टर में ₹10,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण में ₹40,000 करोड़ का प्रावधान।
  • फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का फैसला निवेशकों के लिए लागत को थोड़ा महंगा बना सकता है।

विशेषज्ञों की राय

Enrich Money के CEO Ponmudi R ने कहा कि बजट के बाद बाजार में अत्यधिक वोलाटिलिटी देखने को मिलेगी और कुछ विशेष घोषणाओं के आधार पर sharp उतार-चढ़ाव संभव हैं।

निष्कर्ष

बजट 2026–27 ने निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत दिए हैं। STT में बढ़ोतरी और कुछ सेक्टरों पर कर प्रावधान से बाजार में नकारात्मक असर पड़ा, जबकि बायोफार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैंकिंग क्षेत्र में कुछ सकारात्मक संकेत भी दिखे। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और बाजार की चाल को ध्यान से समझने का है।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें