प्रतापगढ़ महिला सहायता प्रकोष्ठ की सराहनीय पहल, सुलह-समझौते से टूटने से बचाए गए दो परिवार

प्रतापगढ़ जनपद में महिला सुरक्षा, सम्मान और पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महिला सहायता प्रकोष्ठ लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रतापगढ़ की टीम ने आपसी मतभेद और पारिवारिक विवादों से जूझ रहे दो परिवारों को टूटने से बचाकर एक सराहनीय पहल की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहा अभियान
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जहां पारिवारिक विवादों के कारण पति-पत्नी अलग रह रहे हैं या परिवार टूटने की कगार पर पहुंच चुके हैं।
महिला सहायता प्रकोष्ठ का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी संवाद और समझ के माध्यम से परिवारों को पुनः जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
बातचीत के जरिए दूर किए गए मतभेद
प्रभारी महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं क्षेत्राधिकारी नमिता सिंह के प्रयासों से दो दंपतियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों को सुलझाया गया।
बताया गया कि दोनों परिवारों में आपसी मतभेद के कारण पति-पत्नी अलग रह रहे थे। महिला सहायता प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों को बुलाकर शांतिपूर्ण माहौल में बातचीत कराई और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
काफी देर तक चली काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच गिले-शिकवे दूर हुए और आपसी सहमति से फिर से साथ रहने का निर्णय लिया गया।
नए सिरे से जीवन शुरू करने का लिया संकल्प
महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल के बाद दोनों दंपतियों ने आपसी विश्वास, प्रेम और संवाद के साथ नए सिरे से जीवन प्रारंभ करने का संकल्प लिया। परिवारों के दोबारा एक होने से परिजनों के चेहरे पर भी खुशी देखने को मिली।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी-छोटी गलतफहमियां और संवाद की कमी बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते बातचीत और काउंसलिंग के माध्यम से समाधान संभव हो सकता है।
पारिवारिक विघटन रोकने की दिशा में प्रयास जारी
महिला सहायता प्रकोष्ठ द्वारा लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जा सके। पुलिस का उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना है।
महिला सहायता प्रकोष्ठ की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की पहल समाज में पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
