फ़रवरी 25, 2026

यूक्रेन के समर्थन में यूरोपीय संस्थानों पर सजे दो रंग: साहस और प्रतिरोध का प्रतीक

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आज रात पूरे यूरोप में एक भावनात्मक और ऐतिहासिक संदेश दिखाई दे रहा है। यूरोपीय संस्थानों को यूक्रेन के नीले और पीले रंगों से सजाया गया है—ये दो रंग केवल एक राष्ट्र के ध्वज का हिस्सा नहीं, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और अडिग प्रतिरोध की जीवंत अभिव्यक्ति बन चुके हैं।

चार वर्ष पहले जब रूस ने यूक्रेन के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की, तब शायद ही किसी ने सोचा था कि यह संघर्ष इतना लंबा और व्यापक रूप ले लेगा। लेकिन इन वर्षों में यूक्रेन ने जिस दृढ़ता और साहस का प्रदर्शन किया है, उसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। आज जब यूरोपीय भवनों, संसदों और सार्वजनिक स्थलों पर यूक्रेन का ध्वज लहराता या रोशनी के रूप में जगमगाता दिखाई देता है, तो यह केवल प्रतीकात्मक समर्थन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और नैतिक एकजुटता का संदेश भी है।

यूरोपीय संघ के प्रमुख संस्थान जैसे European Commission, European Parliament और Council of the European Union समय-समय पर यूक्रेन के समर्थन में अपने भवनों को नीले-पीले रंग से प्रकाशमान करते रहे हैं। यह पहल दर्शाती है कि यूरोप यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है।

यूक्रेन के ध्वज के रंगों का भी अपना विशेष महत्व है। नीला रंग व्यापक आकाश और शांति की आकांक्षा का प्रतीक है, जबकि पीला रंग सुनहरे गेहूं के खेतों और समृद्धि का संकेत देता है। युद्ध की विभीषिका के बीच भी ये रंग आशा, आत्मविश्वास और भविष्य में विश्वास का संदेश देते हैं।

चार वर्षों के संघर्ष ने यूक्रेन के समाज, अर्थव्यवस्था और अवसंरचना पर गहरा प्रभाव डाला है। लाखों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा, अनेक शहरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा और असंख्य परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया। इसके बावजूद यूक्रेनी जनता का मनोबल टूटा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी यूक्रेन को व्यापक समर्थन मिला है, जिसमें आर्थिक सहायता, मानवीय सहयोग और कूटनीतिक समर्थन शामिल हैं।

यूरोपीय संस्थानों पर यूक्रेन के रंगों की सजावट यह संदेश देती है कि लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए यूरोप एकजुट है। यह समर्थन केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि नीतिगत निर्णयों और ठोस कदमों के रूप में भी सामने आया है।

“स्लावा उक्राइनी” — जिसका अर्थ है “यूक्रेन की महिमा हो” — आज केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक वैश्विक एकजुटता की पुकार बन चुका है। यह उन लोगों के साहस को सलाम है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने देश और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए डटे हुए हैं।

आज जब रात के अंधेरे में यूरोप के भवन नीले और पीले रंग से चमकते हैं, तो वे केवल रोशनी नहीं बिखेरते—वे उम्मीद, समर्थन और अटल एकता का संदेश भी फैलाते हैं।

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