रीवा में छह वर्षीय बालिका से दुराचार का आरोप: 13 वर्षीय कज़िन हिरासत में, न्यायिक प्रक्रिया शुरू

रीवा, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ छह वर्ष की मासूम बालिका के साथ कथित दुराचार के आरोप में उसके 13 वर्षीय चचेरे भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना सामने आने के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल है।
परिवार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की जानकारी परिजनों को तब हुई जब बच्ची ने असामान्य व्यवहार प्रदर्शित किया। परिजनों ने पूछताछ की, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। इसके तुरंत बाद परिवार ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी नाबालिग को संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चूँकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए मामले की सुनवाई किशोर न्याय अधिनियम के तहत की जाएगी। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है तथा काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उसके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
सामाजिक और पारिवारिक सतर्कता की आवश्यकता
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि बच्चों की सुरक्षा केवल बाहरी खतरों से ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और परिचित दायरे में भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में किसी भी प्रकार के बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए और उन्हें “गुड टच–बैड टच” जैसी बुनियादी जानकारियाँ समय-समय पर समझानी चाहिए।
प्रशासन की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की शंका या घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। साथ ही, मीडिया और समाज से भी अनुरोध किया गया है कि पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखा जाए और अफवाहों से बचा जाए।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न है, बल्कि समाज के लिए आत्ममंथन का विषय भी है। बच्चों की सुरक्षा और उनके स्वस्थ मानसिक विकास के लिए परिवार, विद्यालय और समाज—सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है।
