फ़रवरी 25, 2026

उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स रोडशो: सिंगापुर से निवेश सहयोग की नई शुरुआत

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24 फरवरी 2026 को में आयोजित एक विशेष निवेशक सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पूंजी और साझेदारी के नए अवसरों के द्वार खोले। शहर के प्रतिष्ठित Shangri-La Hotel Singapore के टॉवर बॉलरूम में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने किया। उद्देश्य स्पष्ट था—उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना और दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की नींव को और सुदृढ़ बनाना।


कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

यह रोडशो केवल एक औपचारिक बैठक नहीं था, बल्कि राज्य की आर्थिक क्षमता, नीतिगत स्थिरता और विकास दृष्टि का व्यापक प्रस्तुतीकरण था।

मुख्य बिंदु:

  • तिथि व स्थान: 24 फरवरी 2026, टॉवर बॉलरूम, शांग्री-ला होटल, सिंगापुर
  • प्रतिनिधिमंडल: मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि और निवेश प्रोत्साहन एजेंसियाँ
  • प्रमुख एजेंडा:
    • राज्य की नई औद्योगिक एवं निवेश नीतियों का विवरण
    • मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में प्रोत्साहन
    • निवेशकों के लिए सिंगल-विंडो और पारदर्शी अनुमोदन प्रणाली का परिचय

वैश्विक फंड्स के साथ संवाद

रोडशो के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रमुख संप्रभु निधियों और निवेश संस्थानों के शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श किया। इनमें के सीईओ लिम चाउ कियात तथा के चेयरमैन टियो ची हीन शामिल थे।
इन मुलाकातों का उद्देश्य था—लंबी अवधि के निवेश को राज्य की आधारभूत परियोजनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर और उभरते सेक्टरों से जोड़ना।


उत्तर प्रदेश की विकास रणनीति

राज्य सरकार ने अपने विज़न में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाज़ार नहीं, बल्कि उत्पादन और नवाचार का उभरता केंद्र है।

रणनीतिक प्राथमिकताएँ:

  • औद्योगिक विस्तार: एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक कॉरिडोर और विशेष आर्थिक क्षेत्र।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण: मेट्रो परियोजनाएँ, लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क।
  • रोज़गार उन्मुख विकास: कौशल प्रशिक्षण और उद्योग-शिक्षा सहयोग के माध्यम से युवाओं के लिए अवसर।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: एशियाई देशों के साथ तकनीकी आदान-प्रदान और पूंजी साझेदारी।

संभावित सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

इस पहल से राज्य को विदेशी पूंजी, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन अनुभव का लाभ मिलने की संभावना है।

  • आर्थिक विविधीकरण: कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था से औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की ओर संतुलित विस्तार।
  • हरित विकास: नवीकरणीय ऊर्जा और सतत परियोजनाओं के माध्यम से पर्यावरण-संवेदनशील प्रगति।
  • ब्रांड इमेज में सुधार: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और बाजार क्षमता को वैश्विक मंच पर पहचान।

निष्कर्ष

सिंगापुर में आयोजित यह इन्वेस्टर्स रोडशो उत्तर प्रदेश की आर्थिक कूटनीति का महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार वैश्विक निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक आधार मजबूत करने और दीर्घकालिक रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल कर रही है।

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