लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: NEET की तैयारी को लेकर विवाद में बेटे ने पिता की हत्या की

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 21 वर्षीय युवक ने कथित रूप से अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपा दिए। प्रारंभिक जांच में मामला NEET की तैयारी को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पिछले कुछ समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। परिवार के भीतर पढ़ाई और करियर को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि पिता और बेटे के बीच इसी बात को लेकर अक्सर कहासुनी होती थी। घटना वाले दिन विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने आवेश में आकर अपने पिता को गोली मार दी।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की। उसने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक प्लास्टिक ड्रम में भरकर घर में ही छिपा दिया। कई दिनों तक पिता के अचानक गायब होने पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों को शक हुआ। दुर्गंध आने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ड्रम से मानव अंग बरामद हुए। इसके बाद आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार भी बरामद किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मानसिक दबाव और पारिवारिक तनाव
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवक पर पढ़ाई और करियर को लेकर काफी दबाव था। NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी में असफलता या पारिवारिक अपेक्षाओं का बोझ कई बार युवाओं को मानसिक तनाव में डाल देता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं—मानसिक स्थिति, पारिवारिक संबंध और अन्य संभावित कारणों—की गहन जांच की जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि पारिवारिक संवाद और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों और बच्चों के बीच खुलकर बातचीत और भावनात्मक सहयोग बेहद आवश्यक है, खासकर तब जब बात प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़ी हो।
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह अचानक हुए विवाद का परिणाम थी। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अत्यधिक तनाव, संवाद की कमी और भावनात्मक असंतुलन किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं। समाज और परिवारों को इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
