फ़रवरी 28, 2026

साइबर क्राइम पुलिस थाना प्रतापगढ़ की बड़ी कामयाबी — 32 पीड़ितों को ₹10,91,899 लौटाए गए

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अंशुमान द्विवेदी प्रतापगढ़

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

जनपद प्रतापगढ़ में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस थाना को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अलग-अलग माध्यमों से ठगी का शिकार हुए 32 पीड़ितों को कुल ₹10,91,899 की धनराशि वापस कराई गई है। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित जांच, तकनीकी दक्षता और कानूनी प्रक्रिया के प्रभावी अनुपालन का परिणाम है।

एसपी के निर्देशन में चला अभियान

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। वहीं, नोडल अधिकारी साइबर अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) तथा सहायक नोडल अधिकारी साइबर क्षेत्राधिकारी नगर, प्रतापगढ़ के निकट पर्यवेक्षण में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए सतत विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

जनपद में लगातार बढ़ते डिजिटल लेन-देन को देखते हुए साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

एनसीआरपी पोर्टल की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

राष्ट्रीय स्तर पर संचालित (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की क्रमबद्ध जांच की गई। प्रत्येक मामले में तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित किया गया।

माननीय न्यायालय, जनपद प्रतापगढ़ के आदेशों का पालन करते हुए अवरुद्ध की गई धनराशि को विधिक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ितों के खातों में पुनः हस्तांतरित कराया गया। पीड़ितों के अनुसार, समय पर की गई इस कार्रवाई से उनकी आर्थिक हानि की भरपाई संभव हो सकी।

किन माध्यमों से हुई थी ठगी?

जिन मामलों में धनराशि वापसी कराई गई, उनमें प्रमुख रूप से निम्न प्रकार के साइबर फ्रॉड शामिल थे—

  • यूपीआई के माध्यम से धोखाधड़ी
  • इंटरनेट बैंकिंग फ्रॉड
  • क्रेडिट कार्ड ठगी
  • फर्जी कॉल एवं लिंक के जरिए डिजिटल भुगतान ठगी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, लालचभरे ऑफर या बैंक प्रतिनिधि बनकर लोगों को भ्रमित करते हैं और ओटीपी या गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

समर्पित टीम की भूमिका

इस सफलता के पीछे साइबर क्राइम थाना की टीम की सक्रियता और सतर्कता रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री दिवाकर सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी नीरज कुमार, आरक्षी सत्येन्द्र कुमार तथा आरक्षी शिवम यादव शामिल रहे। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक समन्वय और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से धनराशि वापसी सुनिश्चित की।

पीड़ितों ने जताया आभार

धनराशि वापस मिलने के बाद सभी 32 शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक एवं साइबर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ठगी की रकम इतनी जल्दी वापस मिल पाएगी।

साइबर अपराध के खिलाफ कड़ा रुख

प्रतापगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या भुगतान अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल NCRP पोर्टल या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। प्रतापगढ़ पुलिस की यह सफलता न केवल पीड़ितों के लिए राहत का कारण बनी है, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है।

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