मार्च 2, 2026

स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए

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Dharmendra Pradhan ने स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए भारत को वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह महत्वपूर्ण कॉन्क्लेव Ministry of Education द्वारा New Delhi में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने भाग लिया।

वैश्विक सहयोग की नई दिशा

अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली आज तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। National Education Policy 2020 के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, लचीली और बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि “स्टडी इन इंडिया” कार्यक्रम के जरिए भारत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के अवसर प्रदान कर रहा है। भारत के विश्वविद्यालय आज अत्याधुनिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और स्टार्टअप संस्कृति के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।

राजनयिक सहभागिता का महत्व

कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारत और अन्य देशों के बीच शैक्षिक साझेदारी को मजबूत करना था। इस मंच के माध्यम से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत की नई शिक्षा नीतियों, संस्थागत सुधारों और अंतरराष्ट्रीय छात्र सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

मंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी, ज्ञान परंपरा और आधुनिक नवाचार क्षमता विश्व के लिए एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने द्विपक्षीय समझौतों, छात्र विनिमय कार्यक्रमों और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।

अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी पर बल

अपने भाषण में उन्होंने डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्तता दी जा रही है, जिससे वे वैश्विक मानकों पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आकर्षक गंतव्य

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता और किफायती शिक्षा व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय छात्रों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति योजनाएं और बेहतर परिसर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

निष्कर्ष

स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 ने भारत की वैश्विक शिक्षा आकांक्षाओं को नई गति प्रदान की है। यह आयोजन न केवल शिक्षा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत आज “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ विश्व समुदाय को ज्ञान, नवाचार और साझेदारी के माध्यम से एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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