मार्च 16, 2026

ने चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश जारी किए

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नई दिल्ली। देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से (ईसीआई) ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा आम चुनाव तथा छह राज्यों में होने वाले उपचुनाव के मद्देनज़र आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct – MCC) के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाती है और सभी सरकारी विभागों, अधिकारियों, राजनीतिक दलों तथा उम्मीदवारों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य होगा।

निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को , , , और की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव की घोषणा की थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव से संबंधित अधिसूचनाएं उनके आधिकारिक राजपत्रों में प्रकाशित कर दी गई हैं। इसके साथ ही संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देशों में कहा है कि सरकारी, सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक पोस्टर, बैनर या झंडे लगाने से पहले संबंधित संपत्ति मालिक की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के दीवारों, भवनों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा सरकारी वाहनों, सरकारी आवासों तथा सार्वजनिक धन का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

आयोग ने नागरिकों की निजता के सम्मान पर भी विशेष जोर दिया है। दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के निजी आवास के बाहर बिना अनुमति के प्रदर्शन, धरना या प्रचार कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। चुनाव प्रचार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की जिम्मेदारी होगी।

आचार संहिता के उल्लंघन की निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग ने एक शिकायत निगरानी प्रणाली भी स्थापित की है। नागरिक और राजनीतिक दल 1950 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऐप के जरिए भी आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना दी जा सकती है। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि प्राप्त शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निस्तारण किया जाए।

चुनाव प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी के लिए देशभर में 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड तथा 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) तैनात की गई हैं। ये टीमें चुनावी गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।

इसके अतिरिक्त निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी राजनीतिक दलों को रैलियों, जनसभाओं और जुलूसों के आयोजन से पहले स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य होगा। इससे यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और लाउडस्पीकर उपयोग जैसी आवश्यक अनुमतियां समय पर सुनिश्चित की जा सकेंगी। साथ ही मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को अपने सरकारी दायित्वों को चुनाव प्रचार के साथ नहीं जोड़ने तथा सरकारी मशीनरी का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर SUVIDHA मॉड्यूल को भी सक्रिय कर दिया है। इसके माध्यम से राजनीतिक दल और उम्मीदवार सार्वजनिक स्थानों, मैदानों और हेलीपैड के उपयोग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन स्थानों का आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने सभी अधिकारियों को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने तथा सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह है कि चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और विश्वसनीय ढंग से संपन्न हो तथा देश में लोकतंत्र की गरिमा और जनता का विश्वास बना रहे।

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