ऑनलाइन ठगी पर लखनऊ पुलिस का बड़ा प्रहार: 34 लाख की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा

उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लखनऊ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने करीब 34 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीकी अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर टेलीग्राम के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उनके झांसे में आकर पैसे निवेश करता, आरोपी उस रकम को तुरंत अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की गई राशि को डिजिटल करेंसी (USDT) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसों का ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा, आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन, फर्जी मोबाइल नंबर और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और एक दोपहिया वाहन भी बरामद किया है, जिनका उपयोग वे इस अपराध को अंजाम देने में करते थे। यह सफलता साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसमें आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक या निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालच भरे ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक जागरूकता संदेश है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
