मार्च 31, 2026

भारतीय नौसेना को मिला अत्याधुनिक सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’, चार जहाजों की परियोजना हुई पूर्ण

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देश की समुद्री शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए को नवीनतम सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ सौंप दिया गया है। यह पोत सर्वेक्षण पोत (विशाल) श्रेणी का चौथा और अंतिम जहाज है, जिसके साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सफल समापन हो गया है।

सांकेतिक तस्वीर

इस उन्नत पोत का निर्माण , कोलकाता द्वारा किया गया है। ‘संशोधक’ को 30 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से नौसेना के हवाले किया गया। इससे पहले इसी श्रेणी के अन्य तीन जहाज—‘संधायक’, ‘निर्देशक’ और ‘इक्षक’—पहले ही सेवा में शामिल किए जा चुके हैं।

यह आधुनिक जहाज समुद्र के तटीय क्षेत्रों से लेकर गहरे जल तक विस्तृत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने में सक्षम है। इसका उपयोग समुद्री मार्गों की सटीक पहचान, नौवहन चैनलों के निर्धारण और समुद्र से जुड़े वैज्ञानिक आंकड़ों के संग्रह में किया जाएगा। रक्षा के साथ-साथ नागरिक क्षेत्रों में भी इसके डेटा का उपयोग किया जा सकेगा।

लगभग 3400 टन वजनी और 110 मीटर लंबे इस पोत में अत्याधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। इसमें उन्नत डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम, स्वायत्त जलयान, रिमोट संचालित वाहन, डीजीपीएस प्रणाली और डिजिटल साइड स्कैन सोनार जैसे उपकरण लगाए गए हैं। दो शक्तिशाली डीजल इंजनों से संचालित यह जहाज 18 नॉट से अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम है।

‘संशोधक’ की एक और खासियत इसका स्वदेशीकरण है। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक सामग्री भारत में ही निर्मित की गई है, जो को मजबूती प्रदान करती है। यह उपलब्धि देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है।

इस पोत के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी और रणनीतिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह परियोजना भारतीय उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

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