नागपुर में चमका बिहार पुलिस का नाम: ट्रैकर डॉग “ध्वनि लिली” ने जीता स्वर्ण पदक

महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट 2025-26 में बिहार पुलिस ने अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बिहार की ट्रैकर डॉग “ध्वनि लिली” ने “सेंट डिस्क्रिमिनेशन” (Scent Discrimination) प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे राज्य को गौरवान्वित कर दिया।
यह प्रतियोगिता देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच आयोजित होती है, जहां विभिन्न श्रेणियों में पुलिस बल की दक्षता, तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण स्तर का परीक्षण किया जाता है। “सेंट डिस्क्रिमिनेशन” एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्पर्धा होती है, जिसमें डॉग स्क्वॉड को किसी व्यक्ति या वस्तु की गंध पहचानकर सही लक्ष्य तक पहुंचना होता है। इसमें सटीकता, सूंघने की क्षमता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की कड़ी परीक्षा होती है।
“ध्वनि लिली” ने अपने प्रशिक्षकों के साथ बेहतरीन तालमेल और अद्भुत सूंघने की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस कठिन प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। यह जीत न केवल डॉग स्क्वॉड की मेहनत का परिणाम है, बल्कि बिहार पुलिस के समर्पण, अनुशासन और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों का भी प्रमाण है।
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि बिहार पुलिस लगातार अपने संसाधनों और तकनीकी दक्षता को मजबूत कर रही है। डॉग स्क्वॉड का योगदान अपराध की जांच, लापता व्यक्तियों की खोज और सुरक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण होता है, और “ध्वनि लिली” की यह सफलता इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
बिहार पुलिस की यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य पुलिस बलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। आने वाले समय में भी ऐसी सफलताएं पुलिस विभाग के मनोबल को ऊंचा उठाने का काम करेंगी।
