धोखाधड़ी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस: आगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी गैंग के 10 सदस्य गिरफ्तार
साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में आगरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रिवॉर्ड प्वाइंट्स के नाम पर लोगों को ठगने वाले संगठित साइबर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 7 एटीएम कार्ड और 3 आधार कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी मासूम और अनजान लोगों को फोन कर उन्हें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या आकर्षक ऑफर्स का लालच देते थे। इसके बाद वे लोगों से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) प्राप्त कर लेते थे और इसी के जरिए उनके बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।
इस गैंग के कार्य करने का तरीका काफी व्यवस्थित था। गिरोह के कुछ सदस्य सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, जबकि अन्य सदस्य लोगों को कॉल कर उन्हें झांसे में लेते थे। वहीं कुछ लोग बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में मदद करते थे। इस तरह पूरा नेटवर्क मिलकर साइबर अपराध को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक लगभग 60 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। यह आंकड़ा न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि साइबर ठग किस तरह आम लोगों की मेहनत की कमाई पर नजर गड़ाए बैठे हैं।
आगरा पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि साइबर अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम किया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और किसी के साथ भी अपना ओटीपी, बैंक डिटेल या निजी जानकारी साझा न करें।
साइबर सुरक्षा के इस दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। यदि नागरिक सतर्क रहें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, तो ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। आगरा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है।
