बिहार पुलिस द्वारा SETCON 2026 का शुभारंभ: फॉरेंसिक विज्ञान को मिलेगा नया आयाम

पटना, 7 अप्रैल 2026: बिहार में आधुनिक अपराध जांच को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आज बिहार पुलिस के पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार ने SETCON 2026 (Satellite Conference on Forensic Biological Science) का विधिवत उद्घाटन किया। यह दो दिवसीय सम्मेलन फॉरेंसिक बायोलॉजिकल साइंस के क्षेत्र में नई तकनीकों, अनुसंधान और चुनौतियों पर केंद्रित है।
इस सम्मेलन का आयोजन बिहार पुलिस, गृह विभाग (GoB) और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सहयोग से किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका को मजबूत करना और जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
फॉरेंसिक विज्ञान की बढ़ती अहमियत
आज के समय में अपराधों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक जांच पद्धतियों के साथ-साथ फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। SETCON 2026 जैसे आयोजन विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और पुलिस अधिकारियों के बीच संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जहां नई तकनीकों और अनुसंधान पर विचार-विमर्श होता है।
सम्मेलन में डीएनए विश्लेषण, बायोलॉजिकल सैंपल की जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और अपराध स्थल की वैज्ञानिक जांच जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है। इससे पुलिस अधिकारियों को अपने कौशल को और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों और अधिकारियों की भागीदारी
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित फॉरेंसिक विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और पुलिस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, व्यावहारिक प्रशिक्षण और केस स्टडी के जरिए उन्हें वास्तविक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से सशक्त होगी पुलिसिंग
बिहार पुलिस लगातार अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। SETCON 2026 इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल पुलिस बल की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया भी अधिक सटीक और त्वरित होगी।
निष्कर्ष
SETCON 2026 का आयोजन बिहार में फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में एक नई शुरुआत का संकेत है। यह सम्मेलन पुलिस और वैज्ञानिक समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, जिससे अपराध नियंत्रण और न्याय प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में ऐसे प्रयास राज्य को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
