प्रेरणा कार्यक्रम का दूसरा चरण: नई ऊर्जा, नई उम्मीदों के साथ शुरुआत

देशभर के युवाओं में नेतृत्व, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा “प्रेरणा” कार्यक्रम अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। इस चरण की शुरुआत अत्यंत उत्साह और जोश के साथ हुई है, जो इसके मूल उद्देश्यों के प्रति एक नई प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस बार कार्यक्रम के पहले बैच में देश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों को शामिल किया गया है। यह विविधता न केवल भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है, बल्कि “एकता में विविधता” के उस मूल भाव को भी मजबूत करती है, जिस पर यह कार्यक्रम आधारित है। प्रतिभागियों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और सीखने की प्रक्रिया इस पहल को और अधिक प्रभावी बना रही है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSEL) के सचिव श्री संजय कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें कार्यक्रम के महत्व को समझाया। अपने संबोधन में उन्होंने Vadnagar के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला, जहां यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
श्री संजय कुमार ने यह भी बताया कि “प्रेरणा” कार्यक्रम उसी वर्नाक्युलर स्कूल में आयोजित हो रहा है, जहां भारत के माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक विरासत से सीख लें और अपने जीवन में नेतृत्व, अनुशासन और मूल्यों को अपनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य छात्रों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। इसमें नेतृत्व कौशल, सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाता है।
“प्रेरणा” कार्यक्रम का यह दूसरा चरण युवाओं के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहां वे न केवल सीख सकते हैं, बल्कि अपने विचारों को साझा कर एक बेहतर भविष्य की दिशा में कदम भी बढ़ा सकते हैं। यह पहल निश्चित रूप से देश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
