अप्रैल 11, 2026

पोषण पखवाड़ा: स्वस्थ समाज की ओर एक मजबूत पहल

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पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम ने समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संतुलित आहार, पोषण और स्वच्छ जीवनशैली के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

सांकेतिक तस्वीर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सीता शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने बताया कि ये केंद्र न केवल बच्चों के शारीरिक विकास में सहायक हैं, बल्कि उनके मानसिक और बौद्धिक विकास को भी दिशा प्रदान करते हैं। प्रारंभिक शिक्षा और पोषण का सही समन्वय ही एक स्वस्थ और सशक्त पीढ़ी का निर्माण करता है।

उन्होंने आगे कहा कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को केवल सरकारी प्रयासों से समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। जब समाज के सभी वर्ग मिलकर पोषण के प्रति जागरूक होंगे, तभी इस चुनौती का प्रभावी समाधान संभव होगा। स्वस्थ खान-पान की आदतों को अपनाना और दूसरों को इसके प्रति प्रेरित करना भी उतना ही जरूरी है।

कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। सीता शर्मा ने कहा कि कुपोषण से मुक्ति दिलाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने, सही जानकारी देने और पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा हर वर्ष पोषण पखवाड़ा एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पोषण को जन आंदोलन बनाना है, ताकि लोग स्वयं आगे आकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। खेल-आधारित शिक्षा, पौष्टिक आहार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता है।

पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से बने संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया, जिससे लोगों को यह समझने में मदद मिली कि कम संसाधनों में भी पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है। वहीं, रंगोली के माध्यम से भी पोषण संबंधी संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।

इस प्रकार, पोषण पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-जागरूकता अभियान है, जो स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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