जर्जर सड़क से परेशान श्रद्धालु और राहगीर, प्रशासन मौन

प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित पटना नहर चौराहा से मां महाकाली पटना देवी धाम को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है। यह मार्ग न केवल स्थानीय ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य रास्ता भी है। सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं और सड़क की सतह टूटकर उखड़ गई है। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। राहगीरों को पैदल चलने में भी कठिनाई होती है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए तो यह मार्ग जोखिम भरा बन चुका है। कई बार वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
समस्या को और गंभीर बना रहे हैं सड़क के किनारे फैले कंटीले वृक्ष और झाड़ियां। ये पेड़-पौधे इतनी अधिक फैल गए हैं कि सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। यदि सामने से कोई वाहन आ जाए तो एक-दूसरे को पास देना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन चालकों को सड़क से नीचे उतरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़ियों की कटाई न होने के कारण मार्ग संकरा हो गया है और यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस मार्ग से गुजरते समय भारी परेशानी होती है। दूर-दराज से आने वाले भक्तों को खराब सड़क और संकरी जगह के कारण काफी समय लगता है। कई श्रद्धालु बताते हैं कि इस मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण लोगों का आना-जाना कम हो रहा है, जिससे धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से कई बार सड़क की मरम्मत और झाड़ियों की सफाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और कंटीले पेड़ों की कटाई नहीं कराई गई तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
संबंधित विभाग और प्रशासन से अपील है कि इस मार्ग की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही सड़क के किनारे फैले पेड़ों और झाड़ियों की कटाई कर मार्ग को चौड़ा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
