अप्रैल 15, 2026

नकली बाबा पर ED का शिकंजा: महाराष्ट्र में अशोक खरात के ठिकानों पर छापेमारी

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सांकेतिक तस्वीर

महाराष्ट्र में खुद को बाबा बताकर लोगों को ठगने वाले अशोक खरात के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और ठगी जैसे गंभीर आरोपों में फंसे इस तथाकथित बाबा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

मामला क्या है?

जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात लंबे समय से खुद को धार्मिक गुरु बताकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था। वह विशेष रूप से महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाता था। आरोप है कि वह झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और समस्याओं के समाधान के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था।

यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप

पीड़ितों ने बताया कि बाबा उनके निजी जीवन की समस्याओं का फायदा उठाकर उनका शोषण करता था। कई मामलों में उसने महिलाओं को डराकर और उनके निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इन वीडियो के जरिए वह लंबे समय तक पैसे ऐंठता रहा।

ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि बाबा ने अवैध तरीके से कमाए गए पैसों को अलग-अलग संपत्तियों और खातों में छिपाया हुआ था। इसी के चलते ED ने उसके कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की।

करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

समाज के लिए चेतावनी

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग धर्म और आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

आगे की कार्रवाई

ED और पुलिस मिलकर इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

निष्कर्ष:
अशोक खरात का मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सबक है कि अंधविश्वास और लालच के जाल में फंसना कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की सख्ती से उम्मीद है कि ऐसे फर्जी बाबाओं पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा।

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