जालसाज़ों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 323 मोबाइल बरामद, साइबर अपराध गैंग का पर्दाफाश
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेहद चालाकी से ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था और आम लोगों को ठगकर साइबर अपराध की जड़ें मजबूत कर रहा था।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त गांव-गांव घूमकर फेरी लगाते थे और लोगों को पुराने मोबाइल फोन के बदले कंबल या बर्तन देने का लालच देते थे। इस तरह वे बड़ी संख्या में पुराने मोबाइल इकट्ठा कर लेते थे। बाद में ये मोबाइल साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे, जहां उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जाता था।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 323 मोबाइल फोन, 110 फोन मदरबोर्ड और 05 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित था।
जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधी इन मोबाइलों के IMEI नंबर का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था। इस तकनीक के जरिए वे अलग-अलग स्थानों से अपराध करते थे और कानून से बचने की कोशिश करते थे।
पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संबंध किन-किन राज्यों या अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराध पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आम जनता को भी जागरूक करने का संदेश देती है कि वे इस तरह के लालच में न आएं और अपने पुराने मोबाइल किसी अंजान व्यक्ति को न दें।
उत्तर प्रदेश पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति को पूरी मजबूती से लागू किया जा रहा है।
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