मानिकपुर एसएचओ के बिगड़े बोल वीडियो वायरल, पत्रकारों से अमर्यादित व्यवहार का आरोप

कुंडा (प्रतापगढ़)। जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और त्वरित जनसुनवाई को प्राथमिकता देते हुए वे नियमित रूप से अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं। थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक और मित्रवत व्यवहार उनकी कार्यशैली की विशेषता मानी जा रही है। उनके प्रयासों से प्रतापगढ़ पुलिस की छवि में सुधार भी देखा गया है।
हालांकि, इसी बीच कुंडा सर्किल के मानिकपुर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय पत्रकारों, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने आरोप लगाया है कि एसएचओ का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। कई पत्रकारों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सूचना लेने के दौरान फोन पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और बातचीत का लहजा भी असहज रहता है। प्रश्न पूछने पर चिड़चिड़ापन और टालमटोल की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एसएचओ से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग सुनाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो के दौरान नाबालिग भी मौजूद थे। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। एसएचओ का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सूचना संकलन में पत्रकारों को पूर्ण सहयोग दिया जाए। उनके सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए तथा पत्रकार कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। ऐसे में मानिकपुर एसएचओ का कथित व्यवहार शासन की मंशा के विपरीत माना जा रहा है।
क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक की सक्रियता से जिले में अपराधों पर अंकुश लगा है और जनता का भरोसा बढ़ा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली से पूरे महकमे की छवि प्रभावित होती है। लोगों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण पर पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक बयान अभी प्रतीक्षित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और जांच में पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल आमजन की अपेक्षा है कि शासन और पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सभी अधिकारी जनोन्मुखी कार्यशैली अपनाएं, ताकि पुलिस की सकारात्मक छवि और मजबूत हो सके।
