मई 13, 2026

कुंडा तहसील के सरकारी खरीद केंद्र पर किसानों से कथित भेदभाव, व्यापारियों को प्राथमिकता देने का आरोप

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प्रतापगढ़ जनपद की कुंडा तहसील क्षेत्र के बदलावन के पुरवा बरई स्थित सरकारी राशन क्रय केंद्र पर किसानों के साथ कथित भेदभाव और मनमानी का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी नाराजगी का माहौल है। किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकारी खरीद केंद्र पर उनके अनाज की खरीद नहीं की जा रही, जबकि व्यापारियों और बनियों का अनाज प्राथमिकता के आधार पर तुरंत खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

कई दिनों से भटक रहे किसान

ग्रामीण किसानों के अनुसार क्षेत्र के दर्जनों किसान पिछले कई दिनों से अपना गेहूं और अन्य अनाज लेकर सरकारी खरीद केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों और केंद्र संचालक द्वारा उन्हें बार-बार यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि “अभी समय नहीं है, बाद में आइए।”

किसानों का आरोप है कि सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद उनका अनाज नहीं खरीदा जाता। कई किसानों ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद खरीद प्रक्रिया बंद कर दी जाती है और उन्हें बिना अनाज जमा किए वापस लौटना पड़ता है।

व्यापारियों का अनाज तुरंत खरीदे जाने का आरोप

किसानों का कहना है कि जहां आम किसानों को परेशान किया जा रहा है, वहीं व्यापारियों और बनियों का अनाज बिना किसी देरी के तुरंत तौला और जमा किया जा रहा है। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों और व्यापारियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र पर खुलेआम यह कहा जा रहा है कि किसान अपना अनाज किसी व्यापारी को बेच दें, क्योंकि सरकारी केंद्र पर उनका अनाज नहीं लिया जाएगा। किसानों ने इसे बेहद अपमानजनक बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे किसान विरोधी रवैया है।

सरकार की किसान हितैषी योजनाओं पर सवाल

स्थानीय किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को उचित समर्थन मूल्य दिलाने और बिचौलियों से बचाने के लिए सरकारी खरीद केंद्र संचालित करती है। लेकिन यदि सरकारी केंद्रों पर ही किसानों के साथ भेदभाव होगा, तो छोटे और मध्यम वर्गीय किसान मजबूरी में अपना अनाज औने-पौने दामों में व्यापारियों को बेचने पर विवश हो जाएंगे।

किसानों के अनुसार सरकारी खरीद केंद्रों का उद्देश्य किसानों को राहत देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है।

केंद्र संचालक पर लगे गंभीर आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक बदलावन के पुरवा बरई स्थित सरकारी राशन क्रय केंद्र पर केंद्र संचालक के रूप में कीर्त मान सिंह का नाम सामने आ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी देखरेख में किसानों की अनदेखी कर व्यापारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।

हालांकि इस मामले में केंद्र संचालक या संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आंदोलन की चेतावनी

किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा खाद्य एवं रसद विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी किसानों का अनाज बिना किसी भेदभाव के खरीदा जाए तथा खरीद केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भ्रष्टाचार और पक्षपात पर रोक लग सके।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन किसानों की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश के बाद यह मुद्दा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के बाद संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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