मोतीहारी पुलिस की “इश्तिहार तामिला” कार्रवाई : फरार अभियुक्तों पर कानूनी शिकंजा

Motihari में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अभियुक्तों पर कानूनी दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 17 मई 2026 को मोतीहारी पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों के घरों पर “इश्तिहार तामिला” की प्रक्रिया पूरी की। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार की गई, जिसका उद्देश्य आरोपितों को अदालत में उपस्थित होने के लिए बाध्य करना है।
ढाका थाना क्षेत्र में कार्रवाई
पहला मामला Dhaka थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज कांड संख्या 38/26 में नामजद अभियुक्त राधामोहन कुमार, पिता योगेन्द्र राय, निवासी बरवरी के घर पर पुलिस टीम ने विधिवत इश्तिहार चस्पा किया।
पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों को अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, इसलिए पुलिस और न्यायालय ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर प्रक्रिया अपनाते हैं। इश्तिहार तामिला के माध्यम से अभियुक्त को स्पष्ट संदेश दिया जाता है कि यदि वह निर्धारित समय के भीतर न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो आगे कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र में भी हुई कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई मुफस्सिल थाना कांड संख्या 274/23 में की गई। इस मामले में अभियुक्त नीरज उर्फ निकेश मांझी, पिता वीर मांझी, निवासी झारखर, थाना-पिपराकोठी के घर पर पुलिस ने इश्तिहार तामिला किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ यह प्रक्रिया कानून के तहत आवश्यक होती है। इससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलती है और आरोपितों पर आत्मसमर्पण का दबाव बढ़ता है।
क्या होती है इश्तिहार तामिला प्रक्रिया?
इश्तिहार तामिला भारतीय न्यायिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। जब कोई अभियुक्त बार-बार समन या वारंट के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होता, तब न्यायालय के आदेश पर उसके घर या सार्वजनिक स्थान पर इश्तिहार चस्पा किया जाता है।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य अभियुक्त को अंतिम अवसर देना होता है ताकि वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सके। यदि इसके बाद भी वह उपस्थित नहीं होता, तो उसके खिलाफ संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की सक्रियता का संदेश
मोतीहारी पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों के खिलाफ प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से आम लोगों में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास मजबूत होता है।
पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध और फरारी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “सेवा, सुरक्षा और न्याय” के उद्देश्य के साथ पुलिस न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में लगातार जुटी हुई है।
समाज पर सकारात्मक प्रभाव
इस तरह की कानूनी कार्रवाइयों का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे अपराधियों में कानून का भय पैदा होता है, वहीं आम नागरिकों को यह भरोसा मिलता है कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष और सक्रिय रूप से चल रही है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की तत्परता समाज में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करती है।
