पंजाब के लुधियाना में निकाय चुनाव: 21 दिसंबर को वोटिंग, 447 उम्मीदवार मैदान में

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। आगामी 21 दिसंबर को शहर की जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगी। इसी दिन शाम तक चुनाव के नतीजे भी सामने आ जाएंगे। इस बार चुनावी मुकाबले में कुल 447 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
216 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए
चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 216 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं, जिसके बाद देर रात जिला प्रशासन ने अंतिम सूची जारी की। सूची में अब 447 प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
मतदान केंद्र और मतदाता आंकड़े
लुधियाना में मतदान के लिए 1223 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 11,61,689 मतदाता अपने वोट का प्रयोग करेंगे। इनमें:
पुरुष मतदाता: 6,22,150
महिला मतदाता: 5,39,436
ट्रांसजेंडर मतदाता: 103
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि लुधियाना के मतदाता चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे।
19 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द
चुनाव प्रक्रिया के दौरान 19 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को रद्द कर दिया गया है। रद्दीकरण का कारण नामांकन पत्रों में त्रुटियां बताई गई हैं। रद्द किए गए नामांकन पत्रों में 5 प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं।
भाजपा के जिन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए हैं, उनके नाम और वार्ड निम्नलिखित हैं:
1. रवि चौरसिया (वार्ड नंबर 5)
2. रमन कुमार हीरा (वार्ड नंबर 32)
3. हरप्रीत कौर (वार्ड नंबर 45)
4. नमिता मल्होत्रा (वार्ड नंबर 83)
5. दीपिका दिसावर (वार्ड नंबर 85)
इन प्रत्याशियों के चुनावी रेस से बाहर होने के बाद संबंधित वार्डों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए तैयारियां पूरी
जिला प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही मतगणना के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
नतीजों पर सभी की नजरें
निकाय चुनाव के नतीजे 21 दिसंबर की शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे। ऐसे में चुनावी मैदान में उतरे 447 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे। इस चुनाव के परिणामों का असर लुधियाना की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
समाप्ति
लुधियाना निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं और उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह है। नामांकन वापसी और रद्द होने के बाद चुनावी समीकरण बदल गए हैं, जिससे यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
