जुलाई 11, 2026

ट्रंप ने बिशप पर लगाया ‘कट्टर वामपंथी’ होने का आरोप, उपदेश को बताया ‘बोरिंग और असंगत’

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बिशप मारीन एडगर बडडे पर तीखा हमला किया। ट्रंप ने बिशप बडडे को “कट्टर वामपंथी और ट्रंप-विरोधी” करार देते हुए उनके उपदेश को “बोरिंग और असंगत” बताया। यह टिप्पणी उस समय आई जब बिशप ने राष्ट्रीय प्रार्थना सभा में अपने उपदेश के दौरान ट्रंप से अमेरिका के “डरे हुए लोगों” पर “दया” दिखाने की अपील की।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बिशप बडडे और उनके चर्च पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को चर्च में घुसा दिया है। उन्होंने लिखा, “इस तथाकथित बिशप ने राष्ट्रीय प्रार्थना सभा में एक कट्टर वामपंथी ट्रंप-विरोधी के रूप में भाषण दिया। उनका लहजा नकारात्मक था और उनका उपदेश बोरिंग और प्रेरणाहीन था। उन्हें और उनके चर्च को जनता से माफी मांगनी चाहिए।”

अवैध प्रवासियों पर चुप्पी साधने का आरोप
ट्रंप ने बिशप बडडे पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका में बढ़ते अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर कुछ नहीं कहा। ट्रंप ने दावा किया कि इन अवैध प्रवासियों ने कई निर्दोष लोगों की जान ली है। उन्होंने कहा, “बिशप ने इस गंभीर समस्या पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। यह दिखाता है कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना है।”

“चर्च और राजनीति का गलत मेल”
ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि बिशप बडडे ने अपने चर्च को राजनीति के मंच में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने अपने चर्च को राजनीति की दुनिया में बहुत ही अशोभनीय तरीके से घसीटा। उनका भाषण न केवल असंगत था बल्कि इससे लोगों को कोई प्रेरणा भी नहीं मिली।”

समर्थकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बयान पर उनके समर्थकों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने ट्रंप के बयानों का समर्थन करते हुए बिशप बडडे के भाषण को पक्षपाती बताया, जबकि अन्य ने ट्रंप पर धार्मिक सभा का अनादर करने का आरोप लगाया।

ट्रंप का विवादों से पुराना नाता
डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के दौरान विवादास्पद बयानों और तीखे हमलों के लिए जाने जाते रहे हैं। यह घटना भी इसी श्रेणी में जुड़ गई है, जहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक धार्मिक नेता को निशाना बनाया।

निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप और बिशप मारीन एडगर बडडे के बीच यह विवाद एक बार फिर राजनीति और धर्म के टकराव को उजागर करता है। जहां एक ओर ट्रंप ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया, वहीं दूसरी ओर बिशप बडडे के समर्थकों का कहना है कि उनका उपदेश केवल मानवीयता की अपील था। यह घटना भविष्य में धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में और बहस छेड़ सकती है।

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