प्राथमिक विद्यालय चक सिरसी में शौचालयों पर नहीं लगे दरवाजे, छात्र-छात्राओं और महिला स्टाफ की बढ़ी परेशानी

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कौशांबी। जनपद के विकासखंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय चक सिरसी में बुनियादी सुविधाओं की कमी…

कौशांबी। जनपद के विकासखंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय चक सिरसी में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक गंभीर समस्या बनकर सामने आई है। विद्यालय परिसर में बने शौचालय लंबे समय से बिना दरवाजों के हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के साथ-साथ महिला शिक्षकों और कर्मचारियों को भी रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षा और गरिमा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

निजता और सुरक्षा पर उठे सवाल

विद्यालय में शौचालय होने के बावजूद उन पर दरवाजे न लगे होने से उनका उपयोग करना कठिन हो गया है। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं और महिला स्टाफ को झेलनी पड़ रही है। बिना दरवाजों वाले शौचालय न केवल निजता का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण की आवश्यकता पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हैं।

लंबे समय से बनी हुई है समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। शौचालयों का निर्माण हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनमें दरवाजे नहीं लगाए गए। कई बार संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत को इसकी जानकारी देने के बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

अधिकारियों से जवाब का इंतजार

मामले में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि विद्यालय के शौचालयों में जल्द ही दरवाजे लगवाने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि इतने लंबे समय तक यह कमी क्यों बनी रही और नियमित निरीक्षण के दौरान इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।

अभिभावकों और ग्रामीणों की मांग

विद्यालय से जुड़े अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों और महिला कर्मचारियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए शौचालयों में तुरंत दरवाजे लगाए जाएं। उनका कहना है कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं का महत्व

विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होते हैं। ऐसे में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अधूरा होना शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और विद्यालय के वातावरण पर भी पड़ सकता है।

अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि अधिकारियों द्वारा दिया गया आश्वासन कब तक धरातल पर दिखाई देता है और प्राथमिक विद्यालय चक सिरसी के बच्चों तथा महिला स्टाफ को सम्मानजनक और सुरक्षित सुविधा कब उपलब्ध हो पाती है।

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