लोहारा-कारीकोट मार्ग पर तेंदुए की दस्तक से दहशत, बछड़े पर हमला कर गन्ने के खेत में भागा वन्यजीव

0

अमृत पाल सिंह बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

दिनांक 30 अगस्त 2026

लोहारा/कारीकोट। लोहारा से कारीकोट जाने वाले मार्ग पर रविवार शाम करीब सात बजे एक मवेशी पर हुए हिंसक हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। बूटा सिंह और रेशम सिंह के घर के पास बंधे एक बछड़े पर अज्ञात जंगली जानवर ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से काफी खून बह गया। हालांकि राहत की बात यह है कि वह जीवित है और उसका उपचार कराया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब इलाके में अंधेरा छाने लगा था। घरों के आसपास बंधे मवेशियों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में मवेशियों के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकले। ग्रामीणों ने जब मौके की ओर देखा तो एक जंगली जानवर बछड़े पर हमला करता दिखाई दिया।

लोगों ने शोर मचाते हुए जानवर को भगाने का प्रयास किया। कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। लोगों की बढ़ती भीड़ और शोर से घबराकर वन्यजीव बछड़े को छोड़कर वहां से भाग गया। ग्रामीणों के अनुसार, जानवर नजदीक स्थित गन्ने के खेतों की दिशा में चला गया। इसके बाद लोगों में इस बात को लेकर और अधिक चिंता बढ़ गई कि कहीं वह आसपास ही छिपा न हो।

गंभीर रूप से घायल हुआ बछड़ा

हमले में बछड़े के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। शरीर के उस हिस्से में कटने और छिलने के निशान बताए जा रहे हैं। काफी खून निकलने के कारण उसकी हालत नाजुक हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पशु चिकित्सक को सूचना दी। इसके बाद बछड़े का प्राथमिक उपचार शुरू कराया गया।

ग्रामीणों के लिए यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हमला आबादी के बिल्कुल नजदीक हुआ। आमतौर पर जंगली जानवर इंसानी बस्तियों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन जंगल या खेतों के आसपास रहने वाले वन्यजीव कभी-कभी भोजन और पानी की तलाश में आबादी के करीब पहुंच जाते हैं। यदि किसी जानवर की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो उसके आसपास होने से मवेशियों के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।

तेंदुए या किसी अन्य वन्यजीव की आशंका

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बछड़े पर हमला तेंदुए ने किया हो सकता है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने इलाके में बाघ जैसे बड़े वन्यजीव की मौजूदगी की आशंका भी जताई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किस जानवर ने किया।

किसी वन्यजीव की पहचान केवल अनुमान के आधार पर करना उचित नहीं होगा। हमले के निशान, जानवर के पंजों के निशान, घटनास्थल पर मिले अन्य संकेत और आसपास के क्षेत्र की जांच के बाद ही वन विभाग किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकता है। इसलिए ग्रामीणों ने वन विभाग से मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है।

गन्ने के खेतों ने बढ़ाई चिंता

जिस स्थान पर हमला हुआ, उसके आसपास गन्ने के खेत मौजूद हैं। घनी फसल वन्यजीवों को छिपने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध करा सकती है। यही कारण है कि घटना के बाद ग्रामीण गन्ने के खेतों को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में कोई तेंदुआ या अन्य हिंसक वन्यजीव क्षेत्र में मौजूद है तो वह रात के समय दोबारा आबादी के आसपास आ सकता है। ऐसे में खेतों की ओर जाने वाले लोगों और खुले स्थानों पर बंधे मवेशियों की सुरक्षा चुनौती बन सकती है।

वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और घटनास्थल के आसपास जांच की जानी चाहिए। ग्रामीण चाहते हैं कि संभावित वन्यजीव के आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जाए तथा वहां पगमार्क और अन्य संकेतों की जांच की जाए।

इसके साथ ही लोगों ने जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग भी उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

रात में सतर्क रहने की अपील

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अकेले खेतों या सुनसान रास्तों की ओर जाने से बचना चाहिए। मवेशियों को भी संभव हो तो सुरक्षित और रोशनी वाले स्थान पर बांधा जाए।

हालांकि विशेषज्ञ जांच से पहले किसी भी तरह की अफवाह फैलाना उचित नहीं है। वन्यजीव को लेकर गलत जानकारी फैलने से अनावश्यक भय पैदा हो सकता है और जानवर के प्रति भीड़ की आक्रामकता की स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थिति वन्यजीव और इंसानों दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।

ग्रामीणों में भय, कार्रवाई का इंतजार

लोहारा-कारीकोट मार्ग के आसपास हुई इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एक बछड़े पर हमला होने के बाद अब लोगों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि घटनास्थल की जांच जल्द हो और यह पता लगाया जाए कि हमला किस वन्यजीव ने किया था।

फिलहाल घायल बछड़े का उपचार जारी है और उसके बच जाने को ग्रामीण राहत की बात मान रहे हैं। दूसरी ओर, घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ गई है। लोग रात के समय घरों और मवेशियों के आसपास सावधानी बरत रहे हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वन्यजीव की वास्तविक पहचान जांच के बाद ही सामने आएगी। यदि क्षेत्र में तेंदुए या किसी अन्य हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो वन विभाग को स्थानीय लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ानी होगी। इससे भविष्य में मवेशियों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल लोहारा और कारीकोट क्षेत्र के लोग इस घटना के बाद किसी आधिकारिक जांच और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें