सीधा मऊ के प्राचीन शिवालय में गजानन दरबार, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ल ने की पूजा-अर्चना

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश। जिले के ग्राम सीधा मऊ स्थित अति प्राचीन शिवालय मंदिर में आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ल ने पहुंचकर भगवान श्री गजानन के दिव्य दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री का मंदिर प्रबंध समिति से जुड़े युवाओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण, रोजगार और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गांव और आसपास के क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्ताव राज्य मंत्री के समक्ष रखे।

ऐतिहासिक विरासत का केंद्र है प्राचीन शिवालय

ग्राम सीधा मऊ में स्थित शिवालय मंदिर को स्थानीय लोग लंबे समय से आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हैं। ग्रामीणों के अनुसार मंदिर का इतिहास काफी पुराना है और इसकी स्थापत्य शैली तथा मंदिर की छत पर दिखाई देने वाली पुरानी आकृतियां इसकी प्राचीनता की ओर संकेत करती हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जाता है कि मंदिर से जुड़ी कुछ विरासत आजादी से पहले के दौर की हो सकती है।

हालांकि मंदिर के इतिहास से संबंधित इन दावों की आधिकारिक ऐतिहासिक पुष्टि अलग से किए जाने की आवश्यकता है, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह मंदिर पीढ़ियों से धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां विभिन्न अवसरों पर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

वर्षों से होता आ रहा है गजानन महाराज का पूजन

इसी प्राचीन शिवालय परिसर में भगवान श्री गणेश के विशेष दरबार और पूजन की परंपरा भी वर्षों से चली आ रही है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गजानन की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ल ने भी मंदिर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर की धार्मिक परंपरा और आयोजन से जुड़े लोगों की सराहना की तथा प्रबंध समिति के युवाओं को ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी स्थानीय परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे आयोजनों में युवाओं की भागीदारी सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करती है।

महिलाओं के रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तीकरण और रोजगार के विषय पर भी विशेष चर्चा हुई। राज्य मंत्री ने महिलाओं को समूहों के माध्यम से संगठित होकर नए रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाली बनने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े अवसर महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने सरकार की ओर से महिलाओं और युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाने की बात कही। उनका कहना था कि जब ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने कौशल को विकसित करते हैं तो उनके लिए स्थानीय स्तर पर आय के नए रास्ते खुल सकते हैं।

ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे कारोबार, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई और अन्य स्थानीय गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

मंदिर परिसर में सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा

ग्रामीणों और मंदिर प्रबंध समिति की ओर से प्राचीन शिवालय मंदिर में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी रखी गई। विशेष रूप से मंदिर परिसर में प्रकाश व्यवस्था और संपर्क मार्ग को बेहतर एवं सुंदर बनाने का प्रस्ताव राज्य मंत्री के सामने रखा गया।

राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ल ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।

मंदिर परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होने से शाम और रात्रि के समय आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है। वहीं संपर्क मार्ग के बेहतर होने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

युवाओं ने खेल मैदान का प्रस्ताव रखा

कार्यक्रम में क्षेत्र के युवाओं ने खेलकूद के लिए मैदान उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। युवाओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन पर्याप्त खेल सुविधाएं और मैदान उपलब्ध न होने के कारण बच्चों तथा युवाओं को अभ्यास के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

युवाओं की इस मांग पर राज्य मंत्री ने कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्थित योजना बनाकर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है तो उस पर आवश्यक स्तर पर कार्य कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

खेल मैदान बनने से गांव के बच्चों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों के लिए स्थान मिल सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है।

मंच से सामाजिक एकता का संदेश

कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सहभागिता भी देखने को मिली। क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। स्थानीय लोगों ने राज्य मंत्री का स्वागत किया और मंदिर से जुड़ी समस्याओं तथा क्षेत्रीय विकास की जरूरतों से उन्हें अवगत कराया।

कार्यक्रम का मंच संचालन जनक अभिनेता के रूप में प्रसिद्ध श्री जगदीश नारायण शुक्ल ने किया। उनके संचालन में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आगे बढ़ा और उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में हिस्सा लिया।

इस दौरान श्री प्रमोद शुक्ल (कल्लू शुक्ल), उमा शंकर पाण्डेय, श्री मूल चंद्र शास्त्री, श्री संतोष शुक्ल, श्री राम स्वरूप चौरसिया, रवि चौरसिया, हरिओम पाण्डेय, हेमंत पाण्डेय, जनक अभिनेता श्री मिश्र, श्री लल्लू शुक्ल, प्रमोद तिवारी और अखिलेश पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

धार्मिक आयोजन के साथ विकास की चर्चा

सीधा मऊ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा। धार्मिक गतिविधियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं, महिला रोजगार और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय लोगों के लिए मंदिर उनकी आस्था का केंद्र होने के साथ गांव की सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा स्थान भी है। ऐसे में मंदिर परिसर की सुविधाओं को बेहतर बनाने और आसपास के विकास कार्यों की मांग को ग्रामीणों ने कार्यक्रम के माध्यम से सामने रखा।

कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रवासियों ने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान श्री गजानन का आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना, स्वागत समारोह और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच पूरा वातावरण उत्साहपूर्ण रहा।

सीधा मऊ के इस आयोजन ने एक बार फिर यह दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सरोकार भी जुड़े रहते हैं। यदि स्थानीय स्तर पर रखे गए विकास प्रस्तावों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ता है, तो इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ गांव के महिलाओं, युवाओं और अन्य ग्रामीणों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।

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