नाली में मुर्गी पालन के कचरे से जलनिकासी प्रभावित, ग्रामीण ने सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
कौशांबी। जिले के चायल तहसील क्षेत्र अंतर्गत सराय अकिल थाना क्षेत्र के बनथरी ब्लॉक के खानपुर खास गांव से सफाई व्यवस्था और जलनिकासी को लेकर एक स्थानीय शिकायत सामने आई है। गांव निवासी राहुल कुमार ने आरोप लगाया है कि मंदिर और तालाब के पास स्थित नाली में मुर्गी पालन से निकलने वाला अपशिष्ट डाला जा रहा है, जिसके कारण नाली बार-बार जाम हो जाती है। उनका कहना है कि नाली की नियमित सफाई नहीं होने से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल कुमार के अनुसार, खानपुर खास गांव में मंदिर और तालाब के आसपास जलनिकासी की व्यवस्था स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नाली में मुर्गी पालन से निकलने वाला कचरा और अन्य अपशिष्ट जमा होने की शिकायत की गई है। उनका दावा है कि कचरा नाली में पहुंचने के बाद पानी के बहाव में रुकावट पैदा होती है और धीरे-धीरे नाली पूरी तरह अथवा आंशिक रूप से बंद हो जाती है।

नाली जाम होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ने का दावा
स्थानीय निवासी राहुल कुमार का कहना है कि नाली में कचरा जमा होने की समस्या केवल जलनिकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आसपास के वातावरण पर भी असर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि जब नाली की सफाई समय पर नहीं होती तो उसमें जमा अपशिष्ट के कारण गंदगी बढ़ती जाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात या अधिक पानी होने की स्थिति में नाली का अवरुद्ध होना समस्या को और गंभीर बना सकता है। पानी की निकासी प्रभावित होने पर आसपास के रास्तों और खाली स्थानों में पानी जमा होने की आशंका रहती है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदारों को नाली की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुर्गी पालन के अपशिष्ट को लेकर शिकायत
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में मुर्गी पालन से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ को उचित स्थान पर न रखकर नाली में डाल दिया जाता है। इस वजह से नाली में कचरा जमा होता है और पानी की निकासी बाधित होती है।
मुर्गी पालन से निकलने वाले अपशिष्ट को खुले में या जलनिकासी वाली नालियों में डालने के बजाय स्थानीय नियमों और स्वच्छता मानकों के अनुरूप निस्तारित किया जाना आवश्यक होता है। यदि किसी स्थान पर लगातार अपशिष्ट नाली में पहुंच रहा है, तो संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति की वास्तविकता की जांच की जा सकती है।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में संबंधित प्रशासन या ग्राम पंचायत की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम प्रधान पर सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल
राहुल कुमार ने गांव की सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम प्रधान इसरार अहमद पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर नाली की नियमित सफाई और स्वच्छता व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीण का कहना है कि यदि नालियों की समय-समय पर सफाई कराई जाए और उनमें कचरा डालने से रोका जाए तो जलनिकासी की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उनका कहना है कि पंचायत प्रशासन को ऐसे स्थानों को चिह्नित करना चाहिए जहां नियमित रूप से कचरा जमा होता है और वहां सफाई कर्मचारियों के माध्यम से उचित व्यवस्था करानी चाहिए।
ग्राम प्रधान या संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना उचित होगा।
मंदिर और तालाब के आसपास सफाई की मांग
शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से मंदिर और तालाब के आसपास की सफाई व्यवस्था बेहतर कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना पंचायत और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए।
तालाब के आसपास नालियों का साफ रहना भी जरूरी है, क्योंकि जलनिकासी व्यवस्था खराब होने पर गंदा पानी जमा हो सकता है। इससे स्थानीय आवागमन और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर नाली की स्थिति का निरीक्षण किया जाए और यदि नाली में मुर्गी पालन का अपशिष्ट डाले जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल एक बार नाली की सफाई कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए नाली में कचरा डालने की प्रक्रिया को रोकना, नियमित सफाई कराना और अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था करना जरूरी है।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत स्तर पर सफाई कर्मचारियों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही जिन स्थानों पर जलनिकासी की नालियां संकरी या क्षतिग्रस्त हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार उनकी मरम्मत भी कराई जानी चाहिए।
यदि शिकायत की जांच के दौरान नाली में मुर्गी पालन से संबंधित अपशिष्ट पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान को निर्धारित तरीके से कचरे के निस्तारण के लिए निर्देशित किया जा सकता है। वहीं, यदि सफाई व्यवस्था में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
प्रशासन से जांच की उम्मीद
खानपुर खास गांव में सामने आई इस शिकायत के बाद अब स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति मौके पर निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी गांव में पहुंचकर मंदिर और तालाब के आसपास की नाली का निरीक्षण करें, जलनिकासी की स्थिति देखें और नाली में जमा कचरे को हटवाने की व्यवस्था करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में नाली में मुर्गी पालन या किसी अन्य प्रकार का अपशिष्ट न डाला जाए।
स्वच्छ और सुचारु जलनिकासी व्यवस्था किसी भी गांव की मूलभूत जरूरतों में शामिल है। इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल शिकायत तक सीमित न रहकर स्थायी रूप से किया जाना चाहिए।