सुजौली में गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान हादसा, 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आए कई लोग
कमलेश कुमार बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
बहराइच। 18 सितंबर 2026। सुजौली ग्राम सभा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई शोभायात्रा के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जुलूस के रास्ते में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन संपर्क में आ गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में करीब पांच से छह लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद शोभायात्रा में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि कारीकोट न्याय पंचायत क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सभाओं से गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज, कैलाशपुरी की ओर ले जाई जा रही थीं। इसी क्रम में सुजौली ग्राम सभा से भी श्रद्धालुओं की टोली गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन यात्रा में शामिल हुई थी। यात्रा के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से अचानक हादसा हो गया।

हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही मची भगदड़
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, गणेश प्रतिमा को लेकर जा रही शोभायात्रा के दौरान विद्युत लाइन से संपर्क होने की घटना हुई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े और तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने राहत एवं बचाव में सहयोग किया। घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद काफी देर तक घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक घायलों में दीपक पुत्र अरविंद, धनंजय पुत्र दिनेश तथा अशोक की पत्नी के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि अन्य घायलों की पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। घायलों की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
विसर्जन के लिए पहुंचीं थीं कई गणेश प्रतिमाएं
कारीकोट न्याय पंचायत क्षेत्र की अलग-अलग ग्राम सभाओं से श्रद्धालु गणेश प्रतिमाएं लेकर चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज, कैलाशपुरी पहुंचे थे। यहां पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
इस दौरान श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। विसर्जन से पहले लोगों ने गणपति भगवान की आराधना की और पारंपरिक रूप से जयकारे लगाए। लेकिन सुजौली से निकली शोभायात्रा में हुए हादसे ने पूरे माहौल को अचानक बदल दिया।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने की घटना ने धार्मिक शोभायात्राओं के मार्ग को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर गणेश विसर्जन जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जुलूस के मार्ग पर बिजली के तार, हाईटेंशन लाइन, सड़क की स्थिति और अन्य संभावित जोखिमों की पहले से जांच जरूरी मानी जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विसर्जन यात्रा के दौरान यदि विद्युत लाइनों की ऊंचाई और स्थिति को लेकर पहले से पर्याप्त सावधानी बरती जाती तथा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो ऐसे हादसे की आशंका को कम किया जा सकता था। हालांकि घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घायलों को कराया गया उपचार
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल संभाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जाने लगी। घायलों की संख्या करीब पांच से छह बताई जा रही है, लेकिन सभी घायलों के नाम और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद कुछ समय तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी का वातावरण रहा। बाद में लोगों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और घायलों की मदद की।
धार्मिक आयोजनों में सावधानी की जरूरत
गणेश विसर्जन, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग शोभायात्राओं में शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास विशेष सतर्कता की जरूरत होती है। प्रतिमा की ऊंचाई, सजावट और जुलूस में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान के कारण विद्युत लाइनों के संपर्क का खतरा बढ़ सकता है।
सुजौली की घटना इसी तरह की सावधानी की आवश्यकता को सामने लाती है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि भविष्य में विसर्जन यात्राओं के मार्ग का पहले से निरीक्षण किया जाना चाहिए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर विद्युत विभाग, पुलिस और प्रशासन के स्तर से समन्वय कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही
फिलहाल हादसे में घायल लोगों की स्थिति और घटना के पूरे कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने की बात सामने आई है। हालांकि घटना किस तरह हुई और उस समय विद्युत आपूर्ति की स्थिति क्या थी, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली की लाइनों के आसपास सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग उठाई है। खासकर उन मार्गों पर जहां से प्रतिमाएं विसर्जन के लिए ले जाई जाती हैं, वहां पहले से निरीक्षण और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
सुजौली की घटना ने गणेश विसर्जन जैसे सामूहिक धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने रखा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन, आयोजन समितियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि धार्मिक उत्सव किसी अप्रिय घटना में न बदलें।