मटेही गांव में तेंदुए की दस्तक से दहशत, मलकीत सिंह के घर के पास CCTV में कैद हुई तस्वीर
कमलेश कुमार बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
बहराइच, 20 सितंबर 2026।
बहराइच जिले के कारीकोट न्याय पंचायत अंतर्गत ग्राम सभा मटेही में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव मलकीत सिंह के घर के आसपास रात के समय एक तेंदुआ घूमता हुआ दिखाई दिया। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की गतिविधि रिकॉर्ड होने के बाद इसकी तस्वीरें सामने आईं, जिससे गांव में वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ रात के समय मलकीत सिंह के घर के पास दिखाई दिया। सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों में एक जंगली जानवर घर के आसपास घूमता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने इसे तेंदुआ बताया है। फुटेज सामने आने के बाद आसपास रहने वाले लोगों में विशेष रूप से रात के समय सतर्कता बढ़ गई है।
घर के पास तेंदुआ दिखने से बढ़ी चिंता
मटेही गांव में तेंदुए के दिखाई देने की सूचना फैलते ही लोगों में चर्चा शुरू हो गई। गांव में घरों के आसपास रात के समय किसी जंगली जानवर की गतिविधि देखे जाने से ग्रामीण अपने परिवार और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीण इलाकों में अक्सर खेत, झाड़ियां और अन्य खुले क्षेत्र वन्यजीवों के आवागमन का रास्ता बन सकते हैं। ऐसे में आबादी वाले हिस्से के नजदीक तेंदुआ दिखाई देना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तेंदुआ दोबारा आबादी के बीच दिखाई देता है तो किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए समय रहते निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
सीसीटीवी कैमरे में गतिविधि रिकॉर्ड होने से वन विभाग के लिए भी क्षेत्र में वन्यजीव की मौजूदगी की जांच करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण चाहते हैं कि फुटेज और मौके के आसपास मिले संभावित संकेतों के आधार पर तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाया जाए।
CCTV फुटेज ने बढ़ाई सतर्कता
मलकीत सिंह के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने रात के समय आसपास की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। फुटेज में तेंदुए के दिखाई देने की जानकारी सामने आने के बाद गांव के लोगों ने इसे गंभीरता से लिया है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से किसी वन्यजीव के आने-जाने के समय और उसके संभावित रास्ते की जानकारी जुटाने में सहायता मिल सकती है। यही वजह है कि ग्रामीणों ने कैमरे में कैद तस्वीरों को महत्वपूर्ण माना है।
हालांकि, किसी वन्यजीव की वास्तविक पहचान और उसकी गतिविधियों की पुष्टि संबंधित वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से की जा सकती है। फिलहाल ग्रामीणों के बीच सामने आई तस्वीरों को लेकर तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से की निगरानी बढ़ाने की मांग
तेंदुए के घर के पास दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांव और उसके आसपास वन विभाग की टीम द्वारा नियमित निगरानी की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तेंदुआ किस दिशा से आ रहा है और उसका आवागमन किन क्षेत्रों में है।
ग्रामीणों ने आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान तेंदुए की लगातार मौजूदगी की पुष्टि होती है तो विभाग को नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग है कि लोगों को वन्यजीव से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और ऐसी स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए, इसकी जानकारी भी दी जाए।
रात में विशेष सतर्कता की जरूरत
मटेही गांव में तेंदुआ दिखाई देने की खबर के बाद ग्रामीणों के लिए रात का समय चिंता का विषय बन गया है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से अंधेरे में अकेले बाहर न निकलें और घर के आसपास पर्याप्त रोशनी रखें।
खेतों या सुनसान रास्तों की ओर जाते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रखा जाना चाहिए। वहीं पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की चिंता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने, उसका पीछा करने या भीड़ जुटाने से स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए ऐसी स्थिति में दूरी बनाए रखना और संबंधित विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित कदम होता है।
सोशल मीडिया और तस्वीरों से तेजी से फैली जानकारी
सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की तस्वीर सामने आने के बाद घटना की जानकारी गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। वन्यजीव की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और क्या वह दोबारा इसी इलाके में दिखाई दे सकता है। इन सवालों का सही जवाब क्षेत्र की निगरानी और वन विभाग की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग की टीम समय रहते क्षेत्र में निगरानी करती है तो तेंदुए की गतिविधियों को समझने और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे अहम
तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ग्रामीणों की सुरक्षा का है। आबादी के आसपास वन्यजीव दिखाई देने पर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय आवश्यक माना जाता है।
ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और जहां से तेंदुए के आने की आशंका है, वहां भी निगरानी की जाए। जरूरत पड़ने पर कैमरों के माध्यम से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
लोगों का कहना है कि तेंदुए को लेकर अफवाहों के बजाय प्रमाणित जानकारी पर भरोसा किया जाना चाहिए। यदि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करती है तो इससे ग्रामीणों में व्याप्त भय को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
मटेही में फिलहाल बनी हुई है चिंता
मटेही गांव में मलकीत सिंह के घर के पास तेंदुए के दिखाई देने की घटना ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों के सामने आने के बाद लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि वन विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके की निगरानी करे और तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाए। यदि वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक विभागीय कदम उठाए जाएं।
फिलहाल ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर को देखकर भीड़ न लगाएं, उसके नजदीक जाने का प्रयास न करें और तत्काल संबंधित वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
कारीकोट न्याय पंचायत के ग्राम सभा मटेही में सामने आई यह घटना एक बार फिर आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी की जरूरत को सामने लाती है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई और क्षेत्र में होने वाली आगे की निगरानी पर है।
स्थान: कारीकोट न्याय पंचायत, ग्राम सभा मटेही, बहराइच
रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता