बौध पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन दहन के तहत 83.79 टन गांजा नष्ट, लक्ष्य का 100 प्रतिशत पूरा
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
बौध, ओडिशा, 4 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में अवैध गांजा कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला पुलिस ने “ऑपरेशन दहन” के तहत जब्त किए गए गांजे के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करते हुए कुल 83,790.155 किलोग्राम यानी करीब 83.79 टन गांजा नष्ट कर दिया है। पुलिस के अनुसार नष्ट किए गए गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 419 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई के साथ ही जिले के लिए निर्धारित गांजा निस्तारण लक्ष्य को 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

यह कार्रवाई केवल बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ नष्ट किए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस विभाग की ओर से जब्त नशीले पदार्थों के सुरक्षित, कानूनी और समयबद्ध निस्तारण की दिशा में उठाया गया अहम कदम भी मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत संपन्न की गई।
चार चरणों में हुआ गांजे का निस्तारण
बौध जिला पुलिस ने गांजा नष्ट करने की प्रक्रिया को चार अलग-अलग चरणों में पूरा किया। शुरुआती तीन चरणों में कुल 71,131.555 किलोग्राम गांजा नष्ट किया गया था। इसके बाद चौथे चरण की शुरुआत 3 अक्टूबर 2026 से हुई, जिसमें 12,658.600 किलोग्राम अतिरिक्त गांजा नष्ट किया गया।
चौथे चरण में नष्ट किए गए गांजे का निस्तारण बलांगीर स्थित इन्सिनरेटर में किया गया। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद चारों चरणों में नष्ट किए गए गांजे की कुल मात्रा 83.79 टन तक पहुंच गई।
पुलिस के इस अभियान से यह स्पष्ट होता है कि जब्त मादक पदार्थों को लंबे समय तक पुलिस परिसरों या मालखानों में रखने के बजाय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है।
अदालत से आवश्यक प्रमाणपत्र के बाद हुई कार्रवाई
बौध पुलिस के अनुसार गांजे के नवीनतम निस्तारण से पहले अदालत से NDPS Act की धारा 52-A के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया। इसके बाद ही जब्त मादक पदार्थ को नष्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
धारा 52-A के तहत जब्त मादक पदार्थों के नमूने, सूचीकरण और निस्तारण की प्रक्रिया के लिए निर्धारित कानूनी व्यवस्था का पालन किया जाता है। बौध पुलिस ने भी इसी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया कि निस्तारण में आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन हो।
पूरे अभियान की निगरानी बौध के पुलिस अधीक्षक के स्तर से की गई। पुलिस अधीक्षक जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष की भूमिका में भी इस प्रक्रिया से जुड़े रहे। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया।
कई पुलिस इकाइयों ने मिलकर संभाला अभियान
“ऑपरेशन दहन” को सफल बनाने में बौध पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने समन्वित रूप से काम किया। अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी क्राइम, अनुमंडल पुलिस अधिकारी, जिले के सातों इंस्पेक्टर-इन-चार्ज तथा चार आउटपोस्ट के पुलिसकर्मियों ने योगदान दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में जब्त मादक पदार्थों के रिकॉर्ड, कानूनी प्रक्रिया और निस्तारण की व्यवस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखा गया। पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जब्त गांजे का चरणबद्ध तरीके से निस्तारण विभिन्न विभागीय स्तरों पर समन्वय का परिणाम है।
100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने का दावा
बौध जिला पुलिस ने चार चरणों की कार्रवाई पूरी होने के बाद जिले के लिए निर्धारित गांजा निस्तारण लक्ष्य को 100 प्रतिशत पूरा करने की जानकारी दी है। पुलिस के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मादक पदार्थों की जब्ती के बाद उनका सुरक्षित और कानूनी निस्तारण भी पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
जब्त मादक पदार्थों के लंबे समय तक भंडारण से सुरक्षा, रिकॉर्ड प्रबंधन और मालखाने से जुड़े प्रशासनिक दबाव जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका निर्धारित तरीके से निस्तारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है।
अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी रखने का संकल्प
बौध पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गांजे के खिलाफ कार्रवाई केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग की ओर से अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और जब्त किए गए नशीले पदार्थों के समयबद्ध निस्तारण की दिशा में आगे भी काम करने की बात कही गई है।
पुलिस प्रशासन ने मादक पदार्थों के निस्तारण के लिए नियमित और सक्रिय व्यवस्था अपनाने का संकल्प व्यक्त किया है। साथ ही पुलिस थानों में जब्त सामग्री से जुड़े रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया है।
पारदर्शी पुलिसिंग पर जोर
“ऑपरेशन दहन” के माध्यम से बौध पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण में कानूनी प्रक्रिया और संस्थागत जवाबदेही महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई को निर्धारित निगरानी व्यवस्था के तहत पूरा किया गया, जिससे निस्तारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों के बीच पुलिस व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत हो सकता है। विशेष रूप से जब्त मादक पदार्थों के रिकॉर्ड और उनके अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया स्पष्ट होने से पुलिस की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलती है।
नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई का संदेश
83.79 टन गांजे का निस्तारण बौध जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के व्यापक प्रभाव को भी दर्शाता है। करीब 419 करोड़ रुपये मूल्य के बताए जा रहे गांजे को नष्ट किए जाने से अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मिलता है।
हालांकि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में केवल जब्ती और निस्तारण ही पर्याप्त नहीं होता। अवैध खेती, तस्करी, भंडारण और वितरण से जुड़े नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई भी जरूरी होती है। बौध पुलिस ने इसी दिशा में भविष्य में भी अभियान जारी रखने का संकेत दिया है।
आगे भी जारी रहेगा “ऑपरेशन दहन”
चार चरणों में लक्ष्य पूरा होने के बाद बौध पुलिस ने मादक पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया को नियमित और प्रभावी बनाए रखने का निर्णय लिया है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी कार्रवाई के बाद जब्त नशीले पदार्थों का निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर निस्तारण हो।
बौध पुलिस की यह कार्रवाई अवैध गांजा कारोबार के खिलाफ उसके अभियान में एक उल्लेखनीय पड़ाव के रूप में सामने आई है। 83,790.155 किलोग्राम गांजा नष्ट किए जाने और निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत पूरा होने से पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में समन्वय, कानूनी अनुपालन और जवाबदेही पर जोर दिया है।
“ऑपरेशन दहन” के तहत हुई यह कार्रवाई न केवल बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों के निस्तारण का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब्ती के बाद नशीले पदार्थों के सुरक्षित और कानूनी निस्तारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर किस तरह की समन्वित व्यवस्था अपनाई जा सकती है। बौध पुलिस ने भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई को जारी रखने और जिले को अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों से सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।