उरई में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर पूर्व सैनिकों ने किया माल्यार्पण, 2027 में सपा सरकार बनाने का लिया संकल्प
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि के अवसर पर उरई स्थित सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों ने नेताजी को याद करते हुए उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन, सैनिकों के प्रति उनके योगदान और समाजवादी विचारधारा पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

सपा कार्यालय में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
उरई स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव चिंतामणि श्रीवास ने मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में नेताजी के सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक संघर्ष और समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका को याद किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में किसानों, युवाओं, गरीबों, पिछड़े वर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके समर्थकों के बीच उन्हें नेताजी के नाम से जाना जाता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि उनके विचार और राजनीतिक विरासत आज भी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के उद्देश्य से संगठन को मजबूत करने तथा जनता के बीच सक्रिय रहने का संकल्प लिया।
पूर्व सैनिकों की गोष्ठी में नेताजी के योगदान पर चर्चा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद समाजवादी पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दशरथ सिंह पाल और सैनिक समाज सेवा संघ के अध्यक्ष रामगोपाल फौजी के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों की गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में शामिल होने से पहले पूर्व सैनिकों ने मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति उनके दृष्टिकोण को याद किया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का रक्षामंत्री के रूप में कार्यकाल उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उन्होंने सैनिकों के सम्मान, उनके परिवारों की जरूरतों और शहीद जवानों के प्रति सरकारी जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया था।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानों और उनके परिवारों को सम्मान देना समाज तथा सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। सैनिकों के बलिदान को याद रखना और उनके परिवारों की समस्याओं को समझना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
रक्षामंत्री के रूप में किए गए कार्यों को किया याद
सैनिक प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेशीय नेता जयदेव यादव ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव के रक्षामंत्री रहते सैनिकों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था को महत्व दिया गया।
जयदेव यादव के अनुसार, शहीद जवानों के अंतिम संस्कार में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति तथा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने जैसी व्यवस्थाओं को भी प्रमुखता मिली। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य शहीद सैनिकों के बलिदान को उचित सम्मान देना और उनके परिवारों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी को सामने लाना था।
उन्होंने सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण से जुड़े अन्य कार्यों का भी जिक्र किया। उनके संबोधन का मुख्य संदेश यह था कि देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों का सम्मान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके परिवारों की जरूरतों और समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
गोष्ठी में मौजूद पूर्व सैनिकों ने भी सैनिकों के सम्मान और कल्याण से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके योगदान को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सम्मान दिया जाना चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा नेताओं की अपील
कार्यक्रम में सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दशरथ सिंह पाल और सैनिक समाज सेवा संघ के अध्यक्ष रामगोपाल फौजी ने उपस्थित पूर्व सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संगठित होकर काम करने की आवश्यकता है।
दोनों पदाधिकारियों ने वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए पूर्व सैनिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से सपा प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने का आह्वान किया।
इस दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर सैनिकों के अपमान और तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगाए। ये आरोप कार्यक्रम में शामिल सपा नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मुद्दों को प्रमुखता देना और विभिन्न वर्गों की समस्याओं को सुनना आवश्यक है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की अपील की।
पार्टी पदाधिकारियों ने भी रखे विचार
पूर्व सैनिकों की गोष्ठी में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सपा के प्रदेश सचिव वीरेंद्र सिंह यादव, जिला महासचिव जमालुद्दीन, जिला प्रवक्ता महेश चंद्र विश्वकर्मा और जिला सचिव प्रताप सिंह यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन और समाजवादी आंदोलन में उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनता से जुड़ाव और संगठनात्मक एकता पर निर्भर करती है।
नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्थानीय समस्याओं को समझने, जनता के बीच संवाद बनाए रखने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों की उपस्थिति को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं के अनुसार, सैनिकों का अनुशासन, समर्पण और संगठनात्मक अनुभव सामाजिक गतिविधियों में उपयोगी भूमिका निभा सकता है।
बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक रहे मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम और गोष्ठी में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित लोगों में फौजी सोहिल अहमद, शिववीर सिंह, सुरेश चंद्र, विजय बहादुर, शंकर लाल मौर्य, मुन्नालाल, प्रयागनारायण सिंह, बृजेंद्र सिंह, हरिप्रकाश, मानसिंह, वृंदावन, जितेंद्र सिंह और वीर सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ उनके राजनीतिक योगदान और सैनिकों के प्रति सम्मान से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। पूर्व सैनिकों ने उनके रक्षामंत्री कार्यकाल को याद करते हुए सैनिकों और उनके परिवारों के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। कार्यक्रम का समापन संगठनात्मक एकजुटता, सैनिकों के सम्मान और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
निष्कर्ष: उरई में आयोजित यह कार्यक्रम मुलायम सिंह यादव की स्मृति को समर्पित रहा, जिसमें पार्टी नेताओं और पूर्व सैनिकों ने उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि के साथ-साथ गोष्ठी में सैनिक कल्याण, राजनीतिक विचारधारा और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं तथा पूर्व सैनिकों से संगठन को मजबूत बनाने और 2027 के चुनाव में पार्टी के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।