यूरोप का अडिग समर्थन: रूस के हमलों के बीच उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूक्रेन के प्रति समर्थन

ब्रसेल्स, जुलाई 2025 – यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक मजबूत और स्पष्ट संदेश में रूस के बढ़ते सैन्य हमलों के बीच यूक्रेन के प्रति यूरोपीय संघ के अडिग समर्थन को दोहराया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यूरोप यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है – सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक रूप से।
रूस के ‘विनाशकारी हमलों’ की निंदा
वॉन डेर लेयेन ने रूस द्वारा किए जा रहे “विनाशकारी हमलों” की कड़ी निंदा की और कहा कि यूक्रेन की रक्षा के लिए यूरोपीय संघ हर आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा, “यूरोप आवश्यक सैन्य सहायता तत्काल जुटा रहा है,” जो यूक्रेन को समय रहते जरूरी रक्षा उपकरण पहुंचाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
SAFE पहल: तत्काल सैन्य सहायता का माध्यम
इस समर्थन की केंद्रीय भूमिका निभा रही है SAFE पहल (Support for Armed Forces in Europe), जिसके अंतर्गत हथियार, गोला-बारूद और रक्षा प्रणाली को तुरंत यूक्रेन तक पहुँचाया जा रहा है। यह पहल युद्धग्रस्त यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए EU की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के रूप में कार्य कर रही है।
‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ की भूमिका
वॉन डेर लेयेन ने ‘Coalition of the Willing’ (इच्छुक राष्ट्रों का गठबंधन) का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। यह गठबंधन रूस के खिलाफ एकजुट अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है – जिसमें आर्थिक प्रतिबंध, राजनयिक दबाव और सैन्य सहयोग शामिल हैं। इसका उद्देश्य रूस को कूटनीतिक वार्ता की ओर लौटने के लिए बाध्य करना है।
यूरोपीय रणनीति: शक्ति और शांति का संतुलन
यूरोपीय संघ की यह रणनीति न केवल रूसी आक्रामकता का मुकाबला करने का प्रयास है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि लोकतांत्रिक मूल्य और क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए संयुक्त वैश्विक कार्रवाई कितनी आवश्यक है। यूरोप यह स्पष्ट कर चुका है कि वह बल प्रयोग से नहीं डरता, लेकिन उसका अंतिम उद्देश्य स्थायी और सम्मानजनक शांति की स्थापना है।
निष्कर्ष
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का यह वक्तव्य यूक्रेन की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए यूरोपीय प्रतिबद्धता का ठोस प्रमाण है। जहां एक ओर युद्ध की विभीषिका जारी है, वहीं दूसरी ओर यूरोपीय संघ का दोहरा दृष्टिकोण – त्वरित सैन्य सहयोग और वैश्विक गठबंधन के ज़रिए कूटनीतिक समाधान की ओर दबाव – यह दिखाता है कि शांति के लिए शक्ति भी आवश्यक है।
