विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2025: “हेपेटाइटिस – अब रुकावटें हटाएं” थीम के साथ जागरूकता की नई पहल

दिनांक: 28 जुलाई 2025
हर वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य है – वायरल हेपेटाइटिस के बारे में जन-जागरूकता फैलाना और इसके रोकथाम व उपचार को बढ़ावा देना। इस वर्ष भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने “Hepatitis: Let’s Break It Down” यानी “हेपेटाइटिस – अब रुकावटें हटाएं” थीम के साथ यह संदेश दिया है कि अब समय आ गया है कि हम समाज में मौजूद उन बाधाओं को तोड़ें जो हेपेटाइटिस के उन्मूलन में अवरोध बनी हुई हैं।
क्या है हेपेटाइटिस?
हेपेटाइटिस एक गंभीर लिवर रोग है, जो प्रमुख रूप से पांच प्रकार के वायरस (A, B, C, D और E) के कारण होता है। यह बीमारी लंबे समय तक अनदेखी रह सकती है और बाद में लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर का रूप ले सकती है।
इस वर्ष की थीम का महत्व
वर्ष 2025 की थीम “Hepatitis: Let’s Break It Down” एक स्पष्ट संदेश देती है – अब जरूरी है कि सामाजिक, आर्थिक, और स्वास्थ्य प्रणाली में मौजूद उन दीवारों को गिराया जाए जो उपचार और जानकारी तक पहुँच को बाधित करती हैं। जागरूकता की कमी, सही समय पर निदान का न होना, महंगा इलाज, और सामाजिक कलंक – ये सब मिलकर हेपेटाइटिस से जंग को कठिन बना देते हैं।
सरकार की पहल
भारत सरकार की राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के अंतर्गत देशभर में मुफ्त जांच, टीकाकरण और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, लोगों को शिक्षित करने के लिए जन-समुदाय स्तर पर कई जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए नागरिक nvhcp.mohfw.gov.in पर जाकर संसाधन प्राप्त कर सकते हैं।
हम सभी की भूमिका
हेपेटाइटिस से लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की है। समय पर जांच करवाना, सुरक्षित जीवनशैली अपनाना, दूषित पानी और भोजन से बचाव करना और टीकाकरण को प्राथमिकता देना – ये छोटे कदम बड़ी सफलता में बदल सकते हैं।
संदेश:
आइए इस विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2025 पर संकल्प लें कि हम न केवल खुद को, बल्कि समाज को भी इस घातक बीमारी से सुरक्षित करेंगे। जागरूक बनें, दूसरों को जागरूक करें और एक स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।
