ववचांस्क में यूक्रेनी सैनिकों के बीच पहुंचे राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, विदेशी भाड़े के सैनिकों के खतरे पर जताई चिंता

कीव, अगस्त 2025 — यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में देश के संघर्षग्रस्त उत्तर-पूर्वी शहर ववचांस्क का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर तैनात यूक्रेनी सैनिकों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने विदेशी भाड़े के सैनिकों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर गहरी चिंता भी जाहिर की।
सैनिकों के साहस की सराहना
ववचांस्क, जो रूसी सीमा के बेहद निकट स्थित है, बीते कुछ महीनों से संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ज़ेलेंस्की ने वहां पहुंचकर सैनिकों के अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा,
“आप सभी केवल यूक्रेन के रक्षक ही नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वतंत्रता और लोकतंत्र के प्रतीक हैं। आपके बिना यूक्रेन की आत्मा अधूरी है।”
विदेशी भाड़े के सैनिकों पर जताई चिंता
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि रूसी पक्ष अब परंपरागत सेनाओं से अधिक विदेशी भाड़े के सैनिकों का सहारा ले रहा है, जो युद्ध को और अधिक खतरनाक और अनियमित बना रहा है।
उन्होंने कहा,
“हमें अब केवल रूस से ही नहीं, बल्कि उसके द्वारा लाए गए उन अनगिनत विदेशी भाड़े के लड़ाकों से भी जूझना पड़ रहा है, जो युद्ध के नियमों की परवाह नहीं करते। यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।”
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील
ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह अपील भी की कि वे इस प्रकार के गैर-राज्य तत्वों के खिलाफ कड़ी रणनीति अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह न केवल यूक्रेन की लड़ाई है, बल्कि पूरी सभ्य दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता का प्रश्न है।
स्थानीय नागरिकों के बीच भी पहुंचे
राष्ट्रपति के दौरे का एक और अहम पहलू यह रहा कि उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने राहत कार्यों का निरीक्षण किया और नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा, पुनर्वास और भविष्य की बहाली के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का ववचांस्क दौरा न केवल सैनिकों के लिए एक मनोबल बढ़ाने वाला क्षण था, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश भी देता है कि यूक्रेन अपने हर नागरिक और इंच-इंच ज़मीन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है — चाहे खतरा किसी भी रूप में क्यों न हो। विदेशी भाड़े के सैनिकों की उपस्थिति एक नई चुनौती है, लेकिन यूक्रेनी नेतृत्व और जनता की एकजुटता इस चुनौती से निपटने को पूरी तरह तैयार है।
