भारत-इज़राइल संबंधों में नई ऊर्जा: प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राजदूत जे.पी. सिंह की अहम मुलाकात

तेल अवीव, 7 अगस्त 2025: भारत और इज़राइल के द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम उठाया गया जब इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय राजदूत जे.पी. सिंह से यरुशलम स्थित अपने कार्यालय में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, नेतन्याहू और जे.पी. सिंह ने विशेष रूप से द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर बातचीत की, जिसमें आतंकवाद से निपटने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर ज़ोर दिया गया। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई चुनौतियाँ उभर रही हैं।
इज़राइल सरकार ने इस बातचीत को “रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण” बताया और कहा कि भारत और इज़राइल दोनों देशों को वर्षों से आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, और ऐसे में सहयोग की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है।
वैश्विक मंच पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुटता
इससे पहले जुलाई में, मुंबई में इज़राइल के वाणिज्य दूत कोबी शोषानी ने एएनआई से बातचीत के दौरान कहा था कि भारत और इज़राइल जैसे देशों ने लंबे समय तक आतंकवाद का सामना किया है और अब समय आ गया है कि सभी बड़े देश मिलकर आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ उठाएं।
उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान का समर्थन किया, जो उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में दिया था। शोषानी ने कहा कि आतंकवाद की सार्वभौमिक निंदा न केवल भारत और इज़राइल के लिए, बल्कि पूरे विश्व के हित में है।
उनके अनुसार, “अगर सभी बड़े देश आतंकवाद की निंदा नहीं करते, तो यह खतरा जारी रहेगा। इसकी रोकथाम वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए।”
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और भारतीय राजदूत जे.पी. सिंह की यह बैठक न केवल भारत-इज़राइल रिश्तों को और गहराई देने का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दोनों देश सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिरता के लिए एकजुट होकर काम करना चाहते हैं। यह कूटनीतिक कदम आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
