मार्च 31, 2026

हमारा शरीर एक मशीन की तरह काम करता है, और ब्लड प्रेशर (BP) उस मशीन का एक अहम मीटर है, जो यह बताता है कि खून हमारी धमनियों में किस दबाव से बह रहा है। सामान्य ब्लड प्रेशर लगभग 120/80 mmHg माना जाता है। अगर यह सीमा से ऊपर या नीचे जाता है, तो इसे क्रमशः हाई बीपी (हाइपरटेंशन) और लो बीपी (हाइपोटेंशन) कहा जाता है।


हाई बीपी (High Blood Pressure) होने पर क्या करें?

जब बीपी लगातार 140/90 mmHg या उससे ज्यादा रहे, तो इसे हाई बीपी कहा जाता है। यह दिल, किडनी और दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है।

उपाय:

  1. नमक कम करें – ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, इसलिए खाने में नमक की मात्रा सीमित रखें।
  2. तनाव घटाएं – योग, ध्यान और गहरी सांस लेने जैसी तकनीक अपनाएं।
  3. व्यायाम करें – रोजाना 30 मिनट वॉक या हल्का व्यायाम हाई बीपी को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  4. जंक फूड और तली-भुनी चीजें कम करें – इनसे कोलेस्ट्रॉल और बीपी दोनों बढ़ते हैं।
  5. दवाइयों का नियमित सेवन – डॉक्टर द्वारा दी गई दवा समय पर लें, बिना सलाह के दवा न छोड़ें।

लो बीपी (Low Blood Pressure) होने पर क्या करें?

अगर बीपी 90/60 mmHg से नीचे चला जाए, तो उसे लो बीपी कहा जाता है। इसमें चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है।

उपाय:

  1. पानी ज्यादा पिएं – डिहाइड्रेशन लो बीपी का एक कारण है।
  2. नमकीन चीजें लें – थोड़ी मात्रा में नमक लो बीपी को बढ़ाने में मदद करता है।
  3. छोटे-छोटे भोजन करें – लंबा गैप लेने से बीपी और कम हो सकता है।
  4. कैफीन युक्त पेय लें – चाय या कॉफी से अस्थायी रूप से बीपी बढ़ सकता है।
  5. अचानक खड़े न हों – लेटने या बैठने से उठते समय धीरे-धीरे उठें।

कब डॉक्टर से मिलें?

  • अगर बीपी लगातार ज्यादा या कम रहे
  • चक्कर, सांस लेने में दिक्कत या सीने में दर्द हो
  • बेहोशी या आंखों के सामने धुंधलापन आए

निष्कर्ष

चाहे बीपी हाई हो या लो, दोनों ही स्थितियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय पर इलाज से ब्लड प्रेशर को सामान्य रखा जा सकता है। स्वस्थ बीपी का मतलब है स्वस्थ दिल और लंबी उम्र।


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