इंडिगो उड़ानों में अव्यवस्था पर अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर हमला: “जूते पहनने वाले भी टिकट नहीं खरीद पा रहे”

नई दिल्ली, 8 दिसंबर 2025 — देश में बढ़ते हवाई किराये और इंडिगो एयरलाइंस की लगातार बाधित सेवाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आम जनता के लिए हवाई यात्रा अब लगभग असंभव बन चुकी है।
हवाई किरायों में उछाल पर अखिलेश का सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज़ में सफर कर सकेगा”, मगर आज की स्थिति यह है कि “जूते पहनने वाले भी टिकट नहीं खरीद पा रहे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में एयरलाइन सेवाओं में गड़बड़ी बढ़ी है, लेकिन सरकार ने न तो स्थिति को संभालने का प्रयास किया और न ही आम यात्रियों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम उठाए।
उन्होंने महाकुंभ और पहलगाम हमले के बाद हवाई किरायों में अचानक बढ़ोतरी का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को मजबूरी में महंगे टिकट खरीदने पड़े। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिगो एयरलाइंस के निदेशक मंडल में “बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़े लोग बैठे हैं”, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
इंडिगो नेटवर्क में जारी अव्यवस्था
पिछले कई दिनों से इंडिगो की उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और तकनीकी या परिचालन संबंधी बाधाओं के चलते देशभर के हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी परेशानी देखी जा रही है। कई लोग घंटों फंसे रहने को मजबूर हुए, वहीं कुछ यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाएँ बदलनी पड़ीं।
इसी मुद्दे पर निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (DGCA) ने इंडिगो को 24 घंटे का समय देकर जवाब मांगा था। एयरलाइन ने नेटवर्क के बढ़े हुए आकार और अनिवार्य परिचालन चुनौतियों का हवाला देते हुए और समय की मांग की, लेकिन DGCA ने समय सीमित रखते हुए साफ किया कि अब आगे कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।
वंदे मातरम बहस पर बयान
संसद में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर होने वाली विशेष चर्चा से पहले अखिलेश यादव ने राष्ट्रगीत को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ गीत गाने से ज़्यादा जरूरी है कि उसके मूल्यों को व्यवहार में उतारा जाए।
“काम गीतों से ज़्यादा निभाने की ज़रूरत है,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी तीखी प्रतिक्रियाएँ
अखिलेश के बयान के बाद राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर लगातार आरोप लगा रहा है कि वह महंगाई और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदार रवैया नहीं अपना रही। वहीं, सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि एयरलाइन की समस्या अस्थायी है और इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
