यूरोपीय संघ ने फिर दोहराया यूक्रेन को अडिग समर्थन, शांति प्रक्रिया में सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि

यूक्रेन में पिछले चार वर्षों से चल रहे संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की दिशा में यूरोपीय संघ (EU) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यूक्रेन के प्रति अपने अटल समर्थन की पुनः पुष्टि की है। ब्रसेल्स में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, नाटो महासचिव मार्क रुटे और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने व्यापक वार्ता कर आगे की रणनीति पर सहमति जताई।
🇺🇦 यूक्रेन की संप्रभुता—शांति की अनिवार्य शर्त
बैठक के केंद्र में यूक्रेन की संप्रभुता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ा मुद्दा रहा। वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार के शांति समझौते में यूक्रेन की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा गारंटियां अनिवार्य होंगी।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि युद्ध के मैदान और कूटनीति—दोनों मोर्चों पर यूक्रेन को मज़बूत स्थिति में पहुँचना ही स्थायी शांति की कुंजी है।
EU ने यूक्रेन के पुनर्निर्माण, अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए नए वित्तीय पैकेज का भी प्रस्ताव रखा है।
🤝 बहुपक्षीय सहयोग और अमेरिका की योजना से मतभेद
इस बैठक से पहले ज़ेलेंस्की ने लंदन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ भी मुलाकात की थी।
इन नेताओं ने अमेरिका द्वारा तैयार की गई शांति योजना पर चर्चा की, परंतु पूर्वी यूक्रेन में क्षेत्रीय रियायतों को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए।
यूरोपीय नेताओं का मानना है कि शांति समझौते में किसी भी तरह की रियायत यूक्रेन की संप्रभुता को कमजोर कर सकती है। इसी कारण वे अमेरिका के प्रस्ताव के विकल्प के रूप में एक नई यूरोपीय योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें यूक्रेन की सुरक्षा को केंद्रीय महत्व दिया गया है।
🌍 यूरोप की रणनीतिक प्राथमिकता—एक सुरक्षित और मज़बूत यूक्रेन
EU लंबे समय से यह मानता आया है कि यूक्रेन की स्थिरता, यूरोप की सामूहिक सुरक्षा संरचना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“यूक्रेन यूरोप की सुरक्षा की पहली ढाल है।”
यह बयान स्पष्ट करता है कि यूरोपीय संघ यूक्रेन को केवल एक पड़ोसी देश नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा नीति का अनिवार्य हिस्सा मानता है।
🔍 निष्कर्ष
यूरोपीय संघ का यह रुख दर्शाता है कि शांति प्रक्रिया के वर्तमान निर्णायक चरण में वह यूक्रेन के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ा है।
EU का संदेश साफ है—
स्थायी और न्यायपूर्ण शांति तभी संभव है, जब यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता और सुरक्षा पर कोई समझौता न किया जाए।
