जनवरी 13, 2026

ट्रंप ने EU के जुर्माने को बताया “खतरनाक मिसाल”, एलन मस्क के समर्थन में दोबारा सामने आए

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी X पर लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने की कड़ी आलोचना की है। डिजिटल सर्विसेज़ एक्ट (DSA) के कथित उल्लंघन को आधार बनाकर EU ने X पर लगभग €120 मिलियन (करीब ₹1,080 करोड़) का दंड लगाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने इस कदम को “स्वतंत्र आवाज़ों को दबाने की कोशिश” और “राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई” बताया।


EU की आपत्तियाँ: पारदर्शिता, डेटा एक्सेस और नई सेवाओं पर सवाल

यूरोपीय आयोग का कहना है कि X ने कई महत्वपूर्ण नियमों का पालन नहीं किया, जिनमें शामिल हैं—

  • विज्ञापनों से जुड़ी पारदर्शिता की अनिवार्य जानकारी उपलब्ध न कराना
  • शोधकर्ताओं को डेटा एक्सेस में सीमाएं लगाना
  • प्रीमियम सदस्यता और वेरिफिकेशन सिस्टम में अस्पष्ट नीतियाँ

EU का दावा है कि इन कमियों से ऑनलाइन उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित होते हैं और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की जवाबदेही कमज़ोर हो सकती है।


मस्क का तीखा बयान: “यह निर्णय अनुचित और राजनीति से प्रेरित”

जुर्माने की घोषणा के बाद एलन मस्क ने EU की कार्रवाई को “हद से ज़्यादा कठोर” और “नियामक दबाव का परिणाम” बताया। मस्क ने कहा कि उनका प्लेटफ़ॉर्म अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह के दंड यूरोपीय देशों की स्वायत्तता को कमज़ोर करते हैं।


ट्रंप की प्रतिक्रिया: “यूरोप गलत दिशा में बढ़ रहा है”

ट्रंप ने मस्क के पक्ष में बोलते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयाँ यूरोप में स्वतंत्र विचारों और खुले संवाद के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि बड़े टेक प्लेटफ़ॉर्म पर इस प्रकार का दबाव डिजिटल दुनिया में “खतरनाक मिसाल” स्थापित कर सकता है।

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि EU का निर्णय तकनीकी क्षेत्र में उन आवाज़ों को निशाना बना रहा है जो परंपरागत नियमों को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं।


निष्कर्ष

मस्क और X पर लगाया गया जुर्माना सिर्फ़ कानूनी कार्रवाई भर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्लेटफ़ॉर्म नियंत्रण और डिजिटल नीति को लेकर एक बड़े वैश्विक विवाद का हिस्सा बन चुका है। ट्रंप के समर्थन के बाद यह मुद्दा और ज़्यादा राजनीतिक रंग ले चुका है, जिससे आने वाले दिनों में EU–अमेरिका संबंधों और टेक रेगुलेशन पर गहरी बहस देखने को मिल सकती है।


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