आयुर्वेद दिवस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा और चिकित्सा शिविर का आयोजन, 50 शैय्या आयुष एकीकृत चिकित्सालय में हुआ कार्यक्रम
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात, 23 सितंबर 2026।
आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा, स्वस्थ जीवनशैली और भारतीय ज्ञान पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कानपुर देहात में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बनार अलीपुर, अकबरपुर स्थित 50 शैय्या आयुष एकीकृत चिकित्सालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान दीप प्रज्ज्वलन, वृक्षारोपण तथा स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद चिकित्सालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
आयुर्वेद दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
आयुर्वेद दिवस के आयोजन का उद्देश्य केवल पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का प्रचार करना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों और दिनचर्या में आए बदलाव के बीच स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक है।
आयुर्वेद में भोजन, दिनचर्या, ऋतु के अनुसार जीवनशैली और शरीर की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद की उपयोगिता और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर लोगों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या में योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। आयुष चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग भी प्रशिक्षित चिकित्सकों के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आयुर्वेद दिवस को लेकर जिले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
बनार अलीपुर स्थित 50 शैय्या आयुष एकीकृत चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम इसी अभियान की कड़ी रहा। कार्यक्रम में चिकित्सा सेवाओं, स्वास्थ्य जागरूकता और आयुर्वेद के प्रति लोगों की समझ बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आयुष विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयुष सेवाओं के बारे में भी जानकारी साझा की गई। अधिकारियों और चिकित्सकों ने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया।
भगवान धन्वंतरि के पूजन से हुआ शुभारंभ
आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना से की गई। भारतीय परंपरा में भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा से जोड़ा जाता है। इसी कारण आयुर्वेद दिवस पर धन्वंतरि पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।
कार्यक्रम में विधिवत पूजा के बाद दीप प्रज्ज्वलित किया गया। उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों ने आयुर्वेद की परंपरा को आगे बढ़ाने तथा लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए।
राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद को भारतीय चिकित्सा ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
चिकित्सालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने चिकित्सालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के महत्व का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य और पर्यावरण का संबंध भी कार्यक्रम में चर्चा का विषय रहा। स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और बेहतर पर्यावरण को स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी सोच के साथ चिकित्सालय परिसर में पौधे लगाए गए।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान लोगों से लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील भी की गई, ताकि पौधे भविष्य में बड़े होकर पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान दे सकें।
आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
आयुर्वेद दिवस के आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के बारे में आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा। अधिकारियों ने कहा कि आयुर्वेद के बारे में सही और प्रमाणिक जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
आज के समय में बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों को लेकर जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। ऐसे में आयुष संस्थानों और चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। कार्यक्रम में लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के बारे में बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ समन्वय के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। एकीकृत चिकित्सालयों का उद्देश्य विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी सेवाओं को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
स्वस्थ भविष्य की थीम पर आयोजित गतिविधियां
इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई। कार्यक्रम की गतिविधियों में भी इसी विचार को प्रमुखता दी गई।
थीम के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ आदतों और संतुलित जीवनशैली को अपनाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आयोजन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा जैसे विषयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों और चिकित्सकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में जिला प्रशासन और आयुष विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की सहभागिता रही। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।
चिकित्सालय से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
आयोजकों ने कहा कि आयुर्वेद दिवस जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच संवाद को मजबूत किया जा सकता है। इसके माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी जा सकती है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर लोगों से अपनी दिनचर्या और खान-पान को लेकर सजग रहने की अपील की गई। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लेने पर जोर दिया गया।
आयुर्वेद दिवस के इस आयोजन ने स्वास्थ्य जागरूकता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। भगवान धन्वंतरि की पूजा, दीप प्रज्ज्वलन, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया गया।
कानपुर देहात में आयोजित यह कार्यक्रम आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य और जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियों की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस आयोजन के माध्यम से आयुर्वेद को लेकर जागरूकता बढ़ाने, उपलब्ध आयुष सेवाओं की जानकारी देने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को प्रेरित करने का प्रयास किया गया।