चित्रकूट के प्राथमिक विद्यालय में बिजली का खंभा और तार बना खतरा, बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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विशेषज्ञ दृष्टिकोण: विद्यालय परिसर में बिजली के खंभे और तारों की मौजूदगी, खासकर बच्चों की नियमित आवाजाही वाले स्थान के पास, सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में संबंधित विद्युत विभाग द्वारा तत्काल स्थल निरीक्षण कर पोल, तार, अर्थिंग और इंसुलेशन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है। यदि व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं है तो उसे तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिम को पहले ही खत्म करना सबसे प्रभावी उपाय है।

स्थान: रामनगर, चित्रकूट | संवाददाता: लवलेश कुमार, हिट एंड हॉट न्यूज़

चित्रकूट। जनपद चित्रकूट के विकासखंड रामनगर क्षेत्र के अतरसुईं स्थित पटियन पुरवा के कम्पोजिट/प्राथमिक विद्यालय परिसर में बिजली व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर समस्या सामने आई है। विद्यालय परिसर में मौजूद बिजली का खंभा और उससे जुड़े तार बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि खंभे में कई बार करंट आने की स्थिति सामने आती है। खास बात यह है कि इसी स्थान के आसपास बच्चों के लिए हैंडपंप और खेल का मैदान भी मौजूद है।

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे प्रतिदिन पानी पीने, खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए इसी परिसर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बिजली के खंभे में करंट आने या तारों में किसी तरह की खराबी उत्पन्न होने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

स्कूल परिसर में बिजली का खंभा बना चिंता का कारण

अतरसुईं के पटियन पुरवा स्थित विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं। स्कूल परिसर बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक होना चाहिए, लेकिन यहां बिजली के खंभे की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक संजय कुमार के अनुसार, परिसर में स्थित बिजली के पोल में कई बार करंट आने की समस्या सामने आती है। उनका कहना है कि यह खंभा ऐसी जगह पर है, जहां बच्चों की आवाजाही बनी रहती है।

प्रधानाध्यापक के मुताबिक, खंभे के नजदीक ही बच्चों के पीने के पानी के लिए हैंडपंप लगा हुआ है। इसके अलावा आसपास का क्षेत्र बच्चों के खेलने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए बिजली के पोल से जुड़ी समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

हैंडपंप और खेल मैदान के पास मौजूद है पोल

विद्यालय परिसर में बिजली के खंभे के आसपास बच्चों की नियमित गतिविधियां होने के कारण मामला और संवेदनशील हो जाता है। बच्चे पानी पीने के लिए हैंडपंप तक पहुंचते हैं और अवकाश के दौरान मैदान में खेलते हैं।

यदि बिजली के किसी उपकरण में तकनीकी खराबी हो या तारों में कोई समस्या उत्पन्न हो जाए, तो बच्चों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से विद्यालय प्रशासन चाहता है कि संबंधित विद्युत व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और जरूरत के अनुसार पोल तथा तारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

विद्यालय प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान घटना होने के बाद करने के बजाय पहले ही कर दिया जाना चाहिए।

शिकायत के बावजूद समाधान का इंतजार

विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि बिजली के खंभे और तारों से जुड़ी समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। उनके अनुसार, इस संबंध में लिखित प्रार्थना पत्र भी दिए गए हैं।

प्रधानाध्यापक का कहना है कि अधिकारियों की ओर से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन मिला, लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी मौके पर स्थायी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। इससे विद्यालय प्रशासन की चिंता बनी हुई है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वह किसी अप्रिय घटना का इंतजार नहीं करना चाहता। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है।

बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता

स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं होता, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। विद्यालय परिसर में बिजली की व्यवस्था यदि किसी भी कारण से जोखिमपूर्ण हो रही है तो उसका तकनीकी परीक्षण आवश्यक है।

विशेषज्ञ स्तर पर भी ऐसी स्थिति में विद्युत पोल, तारों, अर्थिंग, इंसुलेशन और अन्य संबंधित उपकरणों की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि किसी हिस्से में खराबी पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए।

विशेषकर प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चे बिजली से जुड़े खतरों को हमेशा समझ नहीं पाते। ऐसे में विद्युत उपकरणों और तारों की सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और विद्यालय प्रशासन की होती है।

ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल

विद्यालय परिसर में बिजली के खंभे को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर का निरीक्षण करे। यदि खंभे की वर्तमान स्थिति बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण है तो उसे हटाकर या स्थानांतरित कर सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी ऐसी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि मामला सीधे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

मौके का निरीक्षण कर उठाई गई आवाज

संवाददाता लवलेश कुमार ने मौके का मुआयना करते हुए विद्यालय परिसर की स्थिति को बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली का पोल बच्चों की आवाजाही वाले क्षेत्र के नजदीक मौजूद है।

मौके से सामने आई स्थिति के आधार पर विद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और आवश्यकता के अनुसार बिजली के पोल एवं तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करें।

कार्रवाई में देरी पर उठ रहे सवाल

विद्यालय प्रशासन द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का दावा सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में विद्युत विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

किसी भी शिकायत की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विभागीय टीम द्वारा स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच जरूरी होगी। यदि पोल या तार वास्तव में सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो उन्हें दुरुस्त करने अथवा स्थानांतरित करने की कार्रवाई तत्काल की जानी चाहिए।

हादसे से पहले समाधान की जरूरत

विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने की स्थिति न आए। बिजली से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या को समय रहते दूर करना ही सबसे बेहतर उपाय है।

स्कूल परिसर में बच्चों की रोजाना आवाजाही को देखते हुए बिजली व्यवस्था की सुरक्षा जांच नियमित रूप से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही विद्यालय प्रशासन को भी ऐसी किसी समस्या की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग को लिखित रूप से अवगत कराना चाहिए।

अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की उम्मीद

अतरसुईं के पटियन पुरवा स्थित विद्यालय का यह मामला अब संबंधित अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। विद्यालय प्रशासन चाहता है कि बिजली विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और बच्चों के लिए सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यदि जांच में खामी सामने आती है तो बिजली के पोल और तारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के साथ जरूरी तकनीकी सुधार किए जा सकते हैं। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित वातावरण तैयार होगा।

निष्कर्ष

रामनगर क्षेत्र के अतरसुईं स्थित विद्यालय में बिजली के खंभे और तारों को लेकर सामने आई समस्या बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रधानाध्यापक के अनुसार, पोल में कई बार करंट आने की स्थिति बनती है और इसके आसपास ही हैंडपंप तथा बच्चों का खेल क्षेत्र मौजूद है। विद्यालय प्रशासन द्वारा अधिकारियों को शिकायत दिए जाने की बात भी कही गई है।

अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का तकनीकी निरीक्षण करे और आवश्यक सुधार तत्काल कराए। किसी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय उससे पहले खतरे को दूर करना ही बच्चों के हित में सबसे उचित कदम होगा।

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