अमृत उद्यान के ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया उद्घाटन, 16 अगस्त से आम लोगों के लिए खुलेगा उद्यान
विशेषज्ञ दृष्टिकोण: अमृत उद्यान का ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव केवल पर्यटन आकर्षण नहीं, बल्कि बागवानी, हरित संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से लोगों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। आम नागरिकों के लिए उद्यान खोलने से सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच बढ़ती है और प्रकृति के प्रति जागरूकता को भी प्रोत्साहन मिलता है। नियमित रखरखाव के लिए साप्ताहिक अवकाश और निर्धारित प्रवेश समय जैसी व्यवस्थाएं उद्यान की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित अमृत उद्यान के ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 का उद्घाटन किया। इस आयोजन के साथ ही राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल अमृत उद्यान एक बार फिर आम लोगों के स्वागत के लिए तैयार हो गया है। इस वर्ष ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव का आयोजन 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को उद्यान की खूबसूरती को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटन के बाद अब लोगों में अमृत उद्यान को देखने को लेकर उत्साह बढ़ गया है। फूलों, हरियाली, सजे हुए उद्यान क्षेत्र और राष्ट्रपति भवन की भव्य पृष्ठभूमि के कारण अमृत उद्यान लंबे समय से दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है।
16 अगस्त से आम लोगों के लिए खुलेगा अमृत उद्यान
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव के तहत अमृत उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। इस अवधि में लोग निर्धारित समय के दौरान उद्यान का भ्रमण कर सकेंगे।
उद्यान को आम नागरिकों के लिए खोलने का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रपति भवन परिसर की प्राकृतिक सुंदरता और विभिन्न प्रकार के पौधों तथा फूलों से परिचित कराना भी है। अमृत उद्यान में हर मौसम के अनुरूप अलग-अलग प्रकार के पौधों और पुष्पों की सजावट देखने को मिलती है।
ग्रीष्मकालीन आयोजन के दौरान उद्यान का स्वरूप भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है। दिल्ली में रहने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह आयोजन खास अवसर प्रदान करता है।
सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रवेश
ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव के दौरान अमृत उद्यान सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों के लिए खुला रहेगा। हालांकि, आगंतुकों को शाम 5 बजे तक प्रवेश की अनुमति होगी।
समय निर्धारित करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगंतुक पर्याप्त समय में उद्यान का भ्रमण कर सकें और निर्धारित समय के बाद परिसर को व्यवस्थित तरीके से खाली कराया जा सके।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उद्यान पहुंचने से पहले प्रवेश से संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों और उपलब्ध स्लॉट की जानकारी अवश्य देख लें। इससे उन्हें यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा होगी।
सोमवार को रखरखाव के लिए बंद रहेगा उद्यान
अमृत उद्यान सप्ताह के प्रत्येक दिन आम लोगों के लिए खुला नहीं रहेगा। हर सोमवार को उद्यान रखरखाव के लिए बंद रखा जाएगा।
बड़े और ऐतिहासिक उद्यानों की देखभाल के लिए नियमित रखरखाव बेहद जरूरी होता है। पौधों की देखभाल, साफ-सफाई, सिंचाई, फूलों की व्यवस्था और परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने के लिए एक दिन का रखरखाव अवकाश निर्धारित किया गया है।
इसलिए जो लोग अमृत उद्यान घूमने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा सोमवार के बजाय किसी अन्य दिन तय करनी होगी।
राष्ट्रपति भवन परिसर का प्रमुख आकर्षण है अमृत उद्यान
अमृत उद्यान राष्ट्रपति भवन परिसर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी हरियाली, पुष्प सज्जा और आकर्षक डिजाइन के कारण यह स्थान देशभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।
समय-समय पर यहां विभिन्न प्रकार के पुष्पों और पौधों की सुंदर व्यवस्था की जाती है। उद्यान में पहुंचने वाले लोगों को प्रकृति के अलग-अलग रंगों और विविध वनस्पतियों को देखने का अवसर मिलता है।
राष्ट्रपति भवन जैसे ऐतिहासिक परिसर की भव्यता के बीच स्थित यह उद्यान राजधानी की विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के मेल का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि अमृत उद्यान को देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
प्रकृति प्रेमियों के लिए खास अवसर
ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव प्रकृति और बागवानी में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी में हरे-भरे वातावरण में कुछ समय बिताना लोगों के लिए सुखद अनुभव हो सकता है।
बच्चों और युवाओं के लिए भी ऐसे उद्यान प्रकृति को करीब से समझने का अवसर देते हैं। अलग-अलग प्रकार के पौधों, फूलों और बागवानी की व्यवस्थाओं को देखकर उनमें पर्यावरण और हरियाली के प्रति रुचि विकसित हो सकती है।
परिवारों के लिए भी अमृत उद्यान एक ऐसा स्थान है जहां वे निर्धारित समय में प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकते हैं।
दिल्ली के पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
अमृत उद्यान के वार्षिकोत्सव का एक बड़ा प्रभाव दिल्ली के पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। राजधानी में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटक राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, इंडिया गेट और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के साथ अमृत उद्यान को भी अपनी यात्रा सूची में शामिल कर सकते हैं।
उद्यान के खुलने से आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। इससे स्थानीय परिवहन, पर्यटन और अन्य संबंधित सेवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
विशेष रूप से छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान उद्यान में अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आगंतुकों को समय से अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
लोगों को मिलेगी व्यवस्थित भ्रमण की सुविधा
अमृत उद्यान जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की स्थिति में व्यवस्था बनाए रखना भी एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। प्रवेश समय, रखरखाव दिवस और अन्य नियमों का पालन आगंतुकों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी जरूरी है।
लोग यदि निर्धारित समय पर पहुंचें और परिसर में लागू दिशा-निर्देशों का पालन करें तो सभी आगंतुक बेहतर अनुभव के साथ उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं।
उद्यान की सुंदरता को बनाए रखने के लिए भी लोगों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। परिसर में कूड़ा न फैलाना, पौधों को नुकसान न पहुंचाना और निर्धारित स्थानों पर ही घूमना जैसे सामान्य नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन
ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया। उद्घाटन के दौरान अमृत उद्यान की सुंदरता और वहां की पुष्प सज्जा विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
राष्ट्रपति के हाथों वार्षिकोत्सव की शुरुआत होने के बाद अब 16 अगस्त से आम नागरिकों के लिए उद्यान के द्वार खुलेंगे। इससे राजधानी के लोगों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाले पर्यटकों को भी इसे देखने का अवसर मिलेगा।
यह आयोजन राष्ट्रपति भवन परिसर और उसके उद्यानों से आम जनता के जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
15 सितंबर तक चलेगा आयोजन
अमृत उद्यान का ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। यानी लोगों के पास लगभग एक महीने का समय होगा, जिसमें वे अपनी सुविधा के अनुसार उद्यान देखने की योजना बना सकते हैं।
हालांकि, सोमवार को रखरखाव के कारण प्रवेश नहीं होगा। अन्य दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उद्यान खुला रहेगा और शाम 5 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
आगंतुकों के लिए यह जरूरी है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक सूचना के आधार पर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया और अन्य आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त कर लें।
हरियाली और विरासत का संगम
अमृत उद्यान केवल फूलों और पौधों का परिसर नहीं है, बल्कि यह देश की राजधानी में प्रकृति और राष्ट्रीय विरासत के बीच एक सुंदर संबंध को दर्शाता है। राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उद्यान की हरियाली मिलकर इसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव के दौरान आम लोगों को इस वातावरण का अनुभव करने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों से लोगों में बागवानी, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक उद्यानों के प्रति रुचि भी बढ़ाई जा सकती है।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अमृत उद्यान के ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 का उद्घाटन किए जाने के बाद अब देशभर के लोगों के लिए इसे देखने का रास्ता खुल गया है। 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान अमृत उद्यान सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा, जबकि शाम 5 बजे तक प्रवेश की अनुमति होगी। प्रत्येक सोमवार को उद्यान रखरखाव के लिए बंद रहेगा।
प्रकृति, फूलों, हरियाली और राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक विरासत को एक साथ देखने का अवसर देने वाला यह आयोजन राजधानी के पर्यटन कैलेंडर में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। दिल्ली आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए अमृत उद्यान का यह ग्रीष्मकालीन उत्सव एक आकर्षक अनुभव साबित हो सकता है।