दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी, CJP नेताओं के पहुंचने का इंतजार; प्रदर्शन की अनुमति पर नजर

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली में संसद मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। इलाके में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों तथा लोगों की जांच की जा रही है। इस सुरक्षा व्यवस्था के बीच कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के आने और प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने को लेकर गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

AI Generated photo

वीडियो में दिखाई गई स्थिति के अनुसार, पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। फिलहाल संबंधित नेताओं के पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही है। प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी या नहीं, इस बारे में वीडियो में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आता है।

संसद मार्ग थाने के आसपास सुरक्षा का व्यापक इंतजाम

नई दिल्ली के संसद मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस थाने के आसपास बैरिकेडिंग की गई है, ताकि लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और जरूरत के मुताबिक जांच की जा सके।

मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी देखी गई। सशस्त्र सीमा बल के जवानों की तैनाती इस बात को दर्शाती है कि प्रशासन इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहा है।

सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी केवल भीड़ पर नजर रखने तक सीमित नहीं है। उन्हें आने-जाने वाले वाहनों की जांच करने, संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान देने और आम नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने जैसे कार्य भी करने होते हैं।

राजधानी के इस महत्वपूर्ण इलाके में किसी भी संभावित प्रदर्शन के दौरान यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी वजह से पहले से सुरक्षा प्रबंध करना प्रशासन के लिए अहम माना जाता है।

CJP नेताओं के आने की प्रतीक्षा

वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकroach जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेताओं के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचने की संभावना थी। इनमें अभिजीत दीप, सौरव दास और आशुतोष रंका के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।

बताया गया है कि ये नेता प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने के उद्देश्य से पुलिस थाने पहुंचने वाले थे। हालांकि, रिपोर्टिंग के दौरान उनके मौके पर पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई थी।

प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पुलिस प्रशासन से संपर्क करना किसी भी प्रस्तावित सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। संबंधित अधिकारी आयोजन के स्थान, समय, संभावित भीड़ और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का आकलन कर सकते हैं।

इस मामले में भी लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि CJP के प्रतिनिधि कब पहुंचते हैं और पुलिस प्रशासन उनकी मांग पर क्या रुख अपनाता है। उपलब्ध वीडियो में अनुमति दिए जाने या आवेदन खारिज किए जाने की कोई अंतिम जानकारी नहीं दिखाई गई है।

इसलिए फिलहाल प्रदर्शन की स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

BNSS की धारा 163 लागू होने का उल्लेख

वीडियो में यह भी बताया गया है कि संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। प्रशासनिक दृष्टि से इस प्रावधान का उल्लेख महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका इस्तेमाल संभावित अशांति या सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े जोखिमों को रोकने के लिए किया जा सकता है।

BNSS की धारा 163 के अंतर्गत सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट कुछ परिस्थितियों में ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं, जिनका उद्देश्य तत्काल खतरे, सार्वजनिक शांति में बाधा या अन्य संबंधित जोखिमों को रोकना होता है। आदेश की वास्तविक शर्तें, उसका दायरा और अवधि संबंधित प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर करते हैं।

हालांकि, वीडियो में धारा लागू होने की जानकारी दी गई है, लेकिन आदेश की पूरी प्रति, उसमें शामिल प्रतिबंधों और उसकी विस्तृत शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में एक जैसे प्रतिबंध लागू हैं।

लोगों के लिए जरूरी है कि वे संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले लागू नियमों की जानकारी प्राप्त करें।

पहले के प्रदर्शन प्रयास के बाद प्रशासन सतर्क

वीडियो में 10 अक्टूबर को हुए पिछले प्रदर्शन प्रयास का भी संदर्भ दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन की स्थिति की तुलना में मौजूदा समय में संसद मार्ग के आसपास यातायात अधिक सुचारु दिखाई दे रहा है।

यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी भी सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सड़क यातायात को सामान्य बनाए रखना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होती है।

प्रदर्शन के दौरान यदि बड़ी संख्या में लोग किसी सीमित क्षेत्र में एकत्र होते हैं, तो आसपास की सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो सकती है। बैरिकेडिंग और जांच के कारण कुछ स्थानों पर अतिरिक्त समय भी लग सकता है।

इस बार पुलिस ने इलाके में पहले से सुरक्षा प्रबंध किए हैं। वीडियो में यातायात की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आगे भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

यदि CJP के नेता पहुंचते हैं या प्रदर्शन से संबंधित कोई नई गतिविधि शुरू होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन और प्रशासनिक अनुमति का सवाल

इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की मांग और प्रशासन की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी के बीच संतुलन है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी मांगें रखने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत विरोध दर्ज कराने का अधिकार प्राप्त है। दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

इसी कारण सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के लिए संबंधित नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना आवश्यक हो सकता है। पुलिस को संभावित भीड़, स्थान की संवेदनशीलता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के आधार पर उचित व्यवस्था करनी पड़ती है।

CJP के नेताओं की प्रस्तावित पहल के मामले में भी यही सवाल अहम है कि अनुमति के लिए उनकी ओर से क्या अनुरोध किया जाता है और अधिकारी उस पर क्या निर्णय लेते हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रदर्शन के मुद्दे, नेताओं की सभी मांगों या पुलिस के साथ हुई किसी विस्तृत बातचीत के बारे में निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

आम लोगों की आवाजाही पर नजर

संसद मार्ग और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण आम लोगों को भी स्थानीय परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। वाहन चालकों को पुलिस जांच के दौरान सहयोग करना चाहिए और बैरिकेडिंग के पास अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए।

यदि किसी मार्ग पर आवाजाही नियंत्रित की जाती है, तो पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना यातायात को व्यवस्थित रखने में मददगार हो सकता है। आसपास के कार्यालयों, दुकानों और अन्य संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों को भी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल वीडियो के अनुसार, इलाके में पुलिस बल तैनात है, बैरिकेडिंग के जरिए आवाजाही नियंत्रित की जा रही है और वाहनों तथा व्यक्तियों की जांच जारी है। इसके बावजूद यातायात पहले की तुलना में बेहतर बताया गया है।

आगे क्या हो सकता है?

अब पूरे घटनाक्रम में अगला महत्वपूर्ण कदम CJP नेताओं का संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचना और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन से संपर्क करना है। इसके बाद ही अनुमति संबंधी प्रक्रिया और आगे की स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।

यदि प्रशासन अनुमति देता है, तो प्रदर्शन के आयोजन की शर्तें और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होंगी। वहीं, यदि अनुमति नहीं मिलती या कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुझाई जाती है, तो उससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी भी इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

फिलहाल उपलब्ध वीडियो में नेताओं के पहुंचने, अनुमति मिलने या प्रदर्शन शुरू होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा करना जरूरी है।

निष्कर्ष: नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के बीच CJP नेताओं के प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने का इंतजार किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और SSB की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग तथा जांच की व्यवस्था लागू है। वीडियो में यातायात की स्थिति पहले के प्रयास की तुलना में बेहतर बताई गई है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित नेता कब पहुंचते हैं और प्रशासन उनके अनुरोध पर क्या निर्णय लेता है। इस संबंध में किसी भी अंतिम दावे के लिए आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होगी।

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दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी, CJP नेताओं के पहुंचने का इंतजार; प्रदर्शन की अनुमति पर नजर

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 12, 2026

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली में संसद मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। इलाके में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों तथा लोगों की जांच की जा रही है। इस सुरक्षा व्यवस्था के बीच कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के आने और प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने को लेकर गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

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वीडियो में दिखाई गई स्थिति के अनुसार, पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। फिलहाल संबंधित नेताओं के पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही है। प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी या नहीं, इस बारे में वीडियो में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आता है।

संसद मार्ग थाने के आसपास सुरक्षा का व्यापक इंतजाम

नई दिल्ली के संसद मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस थाने के आसपास बैरिकेडिंग की गई है, ताकि लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और जरूरत के मुताबिक जांच की जा सके।

मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी देखी गई। सशस्त्र सीमा बल के जवानों की तैनाती इस बात को दर्शाती है कि प्रशासन इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहा है।

सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी केवल भीड़ पर नजर रखने तक सीमित नहीं है। उन्हें आने-जाने वाले वाहनों की जांच करने, संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान देने और आम नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने जैसे कार्य भी करने होते हैं।

राजधानी के इस महत्वपूर्ण इलाके में किसी भी संभावित प्रदर्शन के दौरान यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी वजह से पहले से सुरक्षा प्रबंध करना प्रशासन के लिए अहम माना जाता है।

CJP नेताओं के आने की प्रतीक्षा

वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकroach जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेताओं के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचने की संभावना थी। इनमें अभिजीत दीप, सौरव दास और आशुतोष रंका के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।

बताया गया है कि ये नेता प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने के उद्देश्य से पुलिस थाने पहुंचने वाले थे। हालांकि, रिपोर्टिंग के दौरान उनके मौके पर पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई थी।

प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पुलिस प्रशासन से संपर्क करना किसी भी प्रस्तावित सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। संबंधित अधिकारी आयोजन के स्थान, समय, संभावित भीड़ और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का आकलन कर सकते हैं।

इस मामले में भी लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि CJP के प्रतिनिधि कब पहुंचते हैं और पुलिस प्रशासन उनकी मांग पर क्या रुख अपनाता है। उपलब्ध वीडियो में अनुमति दिए जाने या आवेदन खारिज किए जाने की कोई अंतिम जानकारी नहीं दिखाई गई है।

इसलिए फिलहाल प्रदर्शन की स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

BNSS की धारा 163 लागू होने का उल्लेख

वीडियो में यह भी बताया गया है कि संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। प्रशासनिक दृष्टि से इस प्रावधान का उल्लेख महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका इस्तेमाल संभावित अशांति या सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े जोखिमों को रोकने के लिए किया जा सकता है।

BNSS की धारा 163 के अंतर्गत सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट कुछ परिस्थितियों में ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं, जिनका उद्देश्य तत्काल खतरे, सार्वजनिक शांति में बाधा या अन्य संबंधित जोखिमों को रोकना होता है। आदेश की वास्तविक शर्तें, उसका दायरा और अवधि संबंधित प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर करते हैं।

हालांकि, वीडियो में धारा लागू होने की जानकारी दी गई है, लेकिन आदेश की पूरी प्रति, उसमें शामिल प्रतिबंधों और उसकी विस्तृत शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में एक जैसे प्रतिबंध लागू हैं।

लोगों के लिए जरूरी है कि वे संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले लागू नियमों की जानकारी प्राप्त करें।

पहले के प्रदर्शन प्रयास के बाद प्रशासन सतर्क

वीडियो में 10 अक्टूबर को हुए पिछले प्रदर्शन प्रयास का भी संदर्भ दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन की स्थिति की तुलना में मौजूदा समय में संसद मार्ग के आसपास यातायात अधिक सुचारु दिखाई दे रहा है।

यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी भी सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सड़क यातायात को सामान्य बनाए रखना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होती है।

प्रदर्शन के दौरान यदि बड़ी संख्या में लोग किसी सीमित क्षेत्र में एकत्र होते हैं, तो आसपास की सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो सकती है। बैरिकेडिंग और जांच के कारण कुछ स्थानों पर अतिरिक्त समय भी लग सकता है।

इस बार पुलिस ने इलाके में पहले से सुरक्षा प्रबंध किए हैं। वीडियो में यातायात की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आगे भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

यदि CJP के नेता पहुंचते हैं या प्रदर्शन से संबंधित कोई नई गतिविधि शुरू होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन और प्रशासनिक अनुमति का सवाल

इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की मांग और प्रशासन की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी के बीच संतुलन है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी मांगें रखने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत विरोध दर्ज कराने का अधिकार प्राप्त है। दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

इसी कारण सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के लिए संबंधित नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना आवश्यक हो सकता है। पुलिस को संभावित भीड़, स्थान की संवेदनशीलता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के आधार पर उचित व्यवस्था करनी पड़ती है।

CJP के नेताओं की प्रस्तावित पहल के मामले में भी यही सवाल अहम है कि अनुमति के लिए उनकी ओर से क्या अनुरोध किया जाता है और अधिकारी उस पर क्या निर्णय लेते हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रदर्शन के मुद्दे, नेताओं की सभी मांगों या पुलिस के साथ हुई किसी विस्तृत बातचीत के बारे में निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

आम लोगों की आवाजाही पर नजर

संसद मार्ग और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण आम लोगों को भी स्थानीय परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। वाहन चालकों को पुलिस जांच के दौरान सहयोग करना चाहिए और बैरिकेडिंग के पास अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए।

यदि किसी मार्ग पर आवाजाही नियंत्रित की जाती है, तो पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना यातायात को व्यवस्थित रखने में मददगार हो सकता है। आसपास के कार्यालयों, दुकानों और अन्य संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों को भी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल वीडियो के अनुसार, इलाके में पुलिस बल तैनात है, बैरिकेडिंग के जरिए आवाजाही नियंत्रित की जा रही है और वाहनों तथा व्यक्तियों की जांच जारी है। इसके बावजूद यातायात पहले की तुलना में बेहतर बताया गया है।

आगे क्या हो सकता है?

अब पूरे घटनाक्रम में अगला महत्वपूर्ण कदम CJP नेताओं का संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचना और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन से संपर्क करना है। इसके बाद ही अनुमति संबंधी प्रक्रिया और आगे की स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।

यदि प्रशासन अनुमति देता है, तो प्रदर्शन के आयोजन की शर्तें और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होंगी। वहीं, यदि अनुमति नहीं मिलती या कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुझाई जाती है, तो उससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी भी इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

फिलहाल उपलब्ध वीडियो में नेताओं के पहुंचने, अनुमति मिलने या प्रदर्शन शुरू होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा करना जरूरी है।

निष्कर्ष: नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के बीच CJP नेताओं के प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने का इंतजार किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और SSB की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग तथा जांच की व्यवस्था लागू है। वीडियो में यातायात की स्थिति पहले के प्रयास की तुलना में बेहतर बताई गई है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित नेता कब पहुंचते हैं और प्रशासन उनके अनुरोध पर क्या निर्णय लेता है। इस संबंध में किसी भी अंतिम दावे के लिए आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होगी।