पेरिस में फ्रांस-वियतनाम रिश्तों को नई रफ्तार, राष्ट्रपति तो लाम का मैक्रों ने किया स्वागत

0

पेरिस, 11 सितंबर 2026: फ्रांस और वियतनाम के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव तो लाम की फ्रांस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका पेरिस में स्वागत किया। मैक्रों ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और हाल के वर्षों में बढ़ती साझेदारी को रेखांकित किया।

मैक्रों के संदेश के अनुसार, दोनों देशों ने केवल राजनीतिक स्तर पर बातचीत तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों के माध्यम से अपनी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने फ्रांस और वियतनाम के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की गति लगातार तेज हो रही है।

ऐतिहासिक रिश्तों को नई दिशा

फ्रांस और वियतनाम के संबंधों की जड़ें कई दशकों पुरानी हैं। दोनों देशों ने 1973 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। इसके बाद समय के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ता गया।

अक्टूबर 2024 में तो लाम की फ्रांस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई थी। इस साझेदारी में व्यापार और निवेश के साथ-साथ नई तकनीक, ऊर्जा, परिवहन, बुनियादी ढांचे, अंतरिक्ष और सुरक्षा जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।

अब सितंबर 2026 की यात्रा को इसी रणनीतिक रिश्ते को आगे बढ़ाने वाली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, तो लाम की सितंबर यात्रा का उद्देश्य प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ वियतनाम के संबंधों को मजबूत करना है। फ्रांस के साथ बातचीत में ऊर्जा, रक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना बताई गई थी।

कई समझौतों से सहयोग को मिला आधार

मैक्रों ने अपने संदेश में संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत का महत्व केवल औपचारिक कूटनीतिक मुलाकात तक सीमित नहीं है। विभिन्न समझौतों के माध्यम से सहयोग को ठोस स्वरूप देने की कोशिश की गई है।

फ्रांस और वियतनाम पहले ही आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों देश निवेश, व्यापार और कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ नवाचार और नई तकनीकों में साझेदारी विकसित करना चाहते हैं।

वियतनाम के लिए फ्रांस यूरोप में एक महत्वपूर्ण साझेदार है, जबकि फ्रांस दक्षिण-पूर्व एशिया और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं माना जा सकता।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर बढ़ता जोर

वियतनाम तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में ऊर्जा, परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचे की जरूरत भी बढ़ रही है। फ्रांस के पास इन क्षेत्रों में तकनीकी और औद्योगिक अनुभव है।

दोनों देशों की 2024 की रणनीतिक साझेदारी घोषणा में रेलवे और शहरी परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बंदरगाह, विमानन और समुद्री बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की गई थी। परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग, उपग्रह और अंतरिक्ष सहयोग पर भी दोनों पक्षों ने आगे बढ़ने की बात कही थी।

इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में फ्रांस की कंपनियों के लिए वियतनाम में नए कारोबारी और निवेश अवसर बन सकते हैं, जबकि वियतनाम को यूरोपीय तकनीक और विशेषज्ञता से लाभ मिल सकता है।

अंतरिक्ष सहयोग भी महत्वपूर्ण

तो लाम की फ्रांस यात्रा ऐसे समय हुई है जब पेरिस में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में करीब 90 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का प्रतिनिधित्व हुआ तथा लगभग 1,100 अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी रही।

फ्रांस और वियतनाम के बीच पहले से ही उपग्रह और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होती रही है। अंतरिक्ष तकनीक, पृथ्वी अवलोकन, संचार और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग को विस्तार मिल सकता है।

यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक अर्थव्यवस्था में अंतरिक्ष आधारित सेवाओं का उपयोग संचार, मौसम, कृषि, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण निगरानी जैसे अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की रणनीति

फ्रांस स्वयं को केवल यूरोपीय शक्ति के रूप में नहीं बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी सक्रिय साझेदार के तौर पर प्रस्तुत करता रहा है। वियतनाम इस क्षेत्र में फ्रांस के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।

वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है और आसियान के प्रमुख देशों में शामिल है। ऐसे में उसके साथ मजबूत संबंध फ्रांस को क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक और कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

दूसरी ओर, वियतनाम भी यूरोप के साथ अपने संबंधों को व्यापक बनाकर व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक कूटनीति में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है।

आर्थिक रिश्तों में नई संभावनाएं

फ्रांस और वियतनाम के बीच आर्थिक सहयोग भविष्य की साझेदारी का एक अहम आधार हो सकता है। यूरोपीय बाजार तक पहुंच और वियतनाम की विनिर्माण क्षमता दोनों पक्षों के लिए अवसर पैदा करती हैं।

फ्रांस की कंपनियों के लिए वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया में उत्पादन और निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। वहीं वियतनामी कंपनियों के लिए फ्रांस यूरोप के व्यापक बाजार से जुड़ने का रास्ता प्रदान कर सकता है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी दोनों देशों के आर्थिक और निवेश संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ बताया है। निवेश सुरक्षा और यूरोपीय संघ-वियतनाम आर्थिक संबंधों को मजबूत करना भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है।

मैक्रों का संदेश—आगे और साथ काम करने की इच्छा

पेरिस में मुलाकात के बाद मैक्रों का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि फ्रांस और वियतनाम अपनी मौजूदा साझेदारी को आने वाले समय में और गहरा करना चाहते हैं। उनका कहना था कि दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों के साथ-साथ वर्तमान समय में सहयोग की तेज होती गति रिश्ते को और मजबूत बना रही है।

यह संदेश ऐसे समय में आया है जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितताओं, तकनीकी बदलावों, ऊर्जा सुरक्षा और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का सामना कर रही है। ऐसे वातावरण में फ्रांस और वियतनाम जैसे देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी दोनों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।

कुल मिलाकर, तो लाम की पेरिस यात्रा और मैक्रों के साथ उनकी मुलाकात फ्रांस-वियतनाम संबंधों में बढ़ती सक्रियता का संकेत देती है। व्यापार और निवेश से लेकर ऊर्जा, परिवहन, नई तकनीक और अंतरिक्ष तक फैला सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को और व्यापक बना सकता है। मैक्रों का यह संदेश कि फ्रांस और वियतनाम भविष्य में “और अधिक साथ काम” करना चाहते हैं, इस साझेदारी की आगे की दिशा को स्पष्ट करता है।

नोट: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और साझा किए गए पोस्ट के आधार पर मौलिक रूप से तैयार किया गया है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें