इंदौर में मोमोज में मिले कीड़े के लार्वा, ग्राहक की शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक स्थानीय रेस्टोरेंट में परोसे गए मोमोज को लेकर गंभीर खाद्य सुरक्षा संबंधी मामला सामने आया है। सी-21 मॉल के पीछे स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे ग्राहकों ने मोमोज के अंदर कथित तौर पर जीवित लार्वा यानी कीड़े के बच्चे दिखाई देने का आरोप लगाया। घटना के बाद ग्राहकों और रेस्टोरेंट कर्मचारियों के बीच काफी विवाद हुआ। मामला बढ़ने पर ग्राहक ने खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अधिकारियों ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर प्रबंधन को नोटिस जारी किया।

मोमोज में दिखाई दिए कथित लार्वा
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम दीपक मीणा अपने दोस्तों के साथ उक्त रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे। उन्होंने वहां मोमोज का ऑर्डर दिया। खाना मिलने के बाद जब ग्राहकों ने मोमोज को देखा तो उन्हें उसके अंदर कुछ जीवित कीड़े जैसे लार्वा दिखाई दिए।
ग्राहकों का आरोप है कि मोमोज में मौजूद ये लार्वा हिलते हुए नजर आ रहे थे। इस दृश्य को देखकर वे हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से इसकी शिकायत की। घटना का वीडियो और तस्वीरें भी बनाए जाने की बात सामने आई है।
खाने में इस तरह की चीज मिलने का आरोप बेहद गंभीर है, क्योंकि किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में भोजन तैयार करने, रखने और परोसने के दौरान स्वच्छता के मानकों का पालन करना जरूरी होता है।
कर्मचारियों से हुई तीखी बहस
मोमोज को लेकर शिकायत करने के बाद ग्राहकों और रेस्टोरेंट कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। ग्राहकों ने सवाल उठाया कि यदि भोजन में लार्वा मौजूद हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है और ग्राहकों को ऐसा खाना कैसे परोसा गया।
वीडियो में कथित तौर पर रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच काफी देर तक बहस होती दिखाई देती है। रेस्टोरेंट के मैनेजर सिद्धार्थ मालवीय का नाम भी इस मामले में सामने आया है। ग्राहकों के अनुसार, रेस्टोरेंट प्रबंधन ने यह कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से दूरी बनाने की कोशिश की कि मोमोज वहां तैयार नहीं किए जाते।
हालांकि, ग्राहकों का कहना था कि जिस स्थान से उन्हें भोजन परोसा गया, उसकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी रेस्टोरेंट प्रबंधन की ही होनी चाहिए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया।
स्टॉक की जांच करने का दावा
मामले के दौरान ग्राहकों ने रेस्टोरेंट में रखे मोमोज के स्टॉक को देखने की मांग की। ग्राहकों का दावा है कि जब उन्होंने वहां रखे अन्य फ्रोजन मोमोज की जांच की तो एक टोकरी में रखे कुछ मोमोज में भी लार्वा दिखाई दिए।
यदि जांच में इस तरह की शिकायत की पुष्टि होती है, तो मामला केवल एक प्लेट तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री के भंडारण और रखरखाव पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक रखने के लिए उचित तापमान, साफ-सफाई और सुरक्षित पैकेजिंग जरूरी मानी जाती है। खासकर फ्रोजन खाद्य सामग्री में तापमान नियंत्रण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। स्टोरेज में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग में पहुंचा मामला
घटना के बाद दीपक मीणा ने मामले को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। बताया गया है कि शिकायत के साथ तस्वीरें और वीडियो जैसे साक्ष्य भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए।
शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट परिसर का निरीक्षण किया। विभाग की कार्रवाई के बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों की ओर से अब रेस्टोरेंट प्रबंधन से मामले को लेकर जवाब मांगा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतिष्ठान बंद बताया जा रहा है। हालांकि, खाद्य विभाग की जांच और प्रबंधन के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का वास्तविक रूप से उल्लंघन हुआ था या नहीं।
खाद्य गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस घटना ने इंदौर में छोटे-बड़े रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स में साफ-सफाई तथा खाद्य गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है। शहर में लोग बड़ी संख्या में बाहर खाना पसंद करते हैं। ऐसे में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना रेस्टोरेंट संचालकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है।
ग्राहकों के लिए भी यह घटना एक चेतावनी की तरह देखी जा सकती है कि भोजन परोसने के बाद उसकी स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। यदि खाने में कोई असामान्य वस्तु दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित प्रतिष्ठान से शिकायत करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभाग को जानकारी देनी चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच है। ग्राहकों की ओर से लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए गए फोटो-वीडियो की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मोमोज में लार्वा किस वजह से पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
रेस्टोरेंट प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाले जवाब और विभागीय जांच के निष्कर्ष इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे। यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इंदौर जैसे बड़े शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल स्वाद और कीमत ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण और गुणवत्तापूर्ण सामग्री भी ग्राहक के लिए महत्वपूर्ण होनी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि रेस्टोरेंट्स में ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराने से पहले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की पर्याप्त जांच कितनी गंभीरता से की जाती है।
फिलहाल लोगों की नजर खाद्य सुरक्षा विभाग की अंतिम रिपोर्ट पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी कि रेस्टोरेंट में वास्तव में क्या हुआ था और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।