जनगणना-2027 को जनभागीदारी का अभियान बनाने की पहल, कलेक्ट्रेट में सेल्फी पॉइंट से दिया जागरूकता का संदेश

0

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

जिलाधिकारी समीर और अपर जिलाधिकारी राजीव राज ने सेल्फी लेकर नागरिकों से स्व-गणना में भाग लेने की अपील की, 16 नवंबर से शुरू होगी ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया

उरई, जालौन। जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जनजागरूकता की मुहिम तेज कर दी है। जनपद के नागरिकों को जनगणना के महत्व से परिचित कराने और उन्हें इस राष्ट्रीय अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में एक आकर्षक सेल्फी पॉइंट स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को जनगणना में अपनी जिम्मेदारी निभाने और स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज ने कलेक्ट्रेट परिसर में बनाए गए सेल्फी पॉइंट पर पहुंचकर सेल्फी ली। दोनों अधिकारियों ने इस गतिविधि के माध्यम से जनपदवासियों को संदेश दिया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए इसे जनसहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का अभियान बनाना है।

जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अनूठी पहल

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित सेल्फी पॉइंट को जनसामान्य के बीच जागरूकता फैलाने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने वाली गतिविधियों से अलग यह पहल नागरिकों को सीधे जनगणना से जोड़ने का प्रयास है। यहां आने वाले लोगों को जनगणना-2027 में सहभागिता करने का संदेश दिया जा रहा है।

प्रशासन का मानना है कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से प्राप्त जानकारी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों के विकास की दिशा तय करने में उपयोगी साबित होती है। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक परिवार अपनी सही जानकारी उपलब्ध कराए, ताकि सरकारी स्तर पर तैयार होने वाले आंकड़े वास्तविक परिस्थितियों को प्रदर्शित कर सकें।

सेल्फी पॉइंट के माध्यम से यह भी समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती भर नहीं है, बल्कि यह आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

16 नवंबर से मिलेगी स्व-गणना की सुविधा

भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना की प्रक्रिया में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था के तहत परिवार के सदस्य निर्धारित समय सीमा में इंटरनेट के माध्यम से अपने घर और परिवार से संबंधित आवश्यक विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, स्व-गणना की ऑनलाइन प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस अवधि में इच्छुक नागरिक आधिकारिक पोर्टल http://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।

इस सुविधा का उद्देश्य नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया से सीधे जोड़ना और निर्धारित समय के भीतर परिवारों का विवरण दर्ज कराने का अवसर प्रदान करना है। ऑनलाइन स्व-गणना के जरिए लोग अपनी सुविधानुसार निर्धारित पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे।

प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्व-गणना करते समय अपने परिवार से संबंधित विवरण सावधानीपूर्वक और सही-सही दर्ज करें। गलत या अधूरी जानकारी से जनगणना के आंकड़ों की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है।

दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी

स्व-गणना की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनगणना का अगला चरण शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

इस दौरान प्रत्येक घर तक पहुंचकर आवश्यक विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि जनपद का कोई भी परिवार जनगणना से छूटने न पाए।

इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। इस चरण में पहले से एकत्र की गई जानकारी की समीक्षा और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस प्रकार स्व-गणना, घर-घर सर्वेक्षण और पुनरीक्षण के माध्यम से जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे इस दौरान गणनाकर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।

सही आंकड़ों से तैयार होंगी विकास की योजनाएं

जनगणना से प्राप्त आंकड़े किसी भी देश और प्रदेश की विकास संबंधी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनसंख्या का आकार, परिवारों की स्थिति और अन्य निर्धारित जानकारियां प्रशासन को यह समझने में मदद करती हैं कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार की सुविधाओं की आवश्यकता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास, परिवहन और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बेहतर नियोजन में जनगणना के आंकड़ों का विशेष महत्व होता है। जब आंकड़े सटीक और व्यवस्थित होते हैं, तब जरूरतों के अनुसार संसाधनों का उपयोग करने में भी आसानी होती है।

इसी कारण जिला प्रशासन जनगणना-2027 में प्रत्येक परिवार की भागीदारी को जरूरी मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी उपलब्ध कराना नागरिकों की जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग इस राष्ट्रीय अभियान को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने में योगदान देगा।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से की विशेष अपील

जिलाधिकारी समीर ने जनपद के सभी नागरिकों से जनगणना-2027 में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासन का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें आमजन की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक परिवार को निर्धारित अवधि में स्व-गणना की सुविधा का उपयोग करना चाहिए और अपने घर से संबंधित सही विवरण दर्ज कराना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना के आंकड़े तभी उपयोगी बनेंगे, जब उनमें प्रत्येक घर और नागरिक का सही प्रतिनिधित्व होगा। इसलिए लोगों को इस कार्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने आसपास के लोगों को भी स्व-गणना के बारे में जानकारी देनी चाहिए।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज ने भी इस पहल के माध्यम से नागरिकों को जनगणना अभियान से जुड़ने का संदेश दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों द्वारा सेल्फी लेकर जागरूकता गतिविधि में सहभागिता करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जनभागीदारी से सफल होगा राष्ट्रीय अभियान

जालौन जनपद में जनगणना-2027 को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सेल्फी पॉइंट के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है।

‘हमारी जनगणना–हमारा विकास’ का संदेश इस अभियान की मूल भावना को दर्शाता है। इसका उद्देश्य नागरिकों में यह विश्वास पैदा करना है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी भविष्य की योजनाओं और विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में सहायक होगी।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच आधिकारिक पोर्टल पर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करें। इसके साथ ही दिसंबर और जनवरी में घर-घर पहुंचने वाले गणनाकर्मियों को भी पूरा सहयोग दें।

जनगणना की सफलता केवल प्रशासनिक तैयारियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग आवश्यक है। यदि प्रत्येक परिवार अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराता है, तो जनगणना-2027 के आंकड़े अधिक विश्वसनीय बन सकेंगे। यही आंकड़े भविष्य में जालौन सहित पूरे देश के विकास की योजनाओं को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान करेंगे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें