उरई में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापेमारी; जांच के लिए लिए गए 5 नमूने
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन | विशेष समाचार | 16 अक्टूबर 2026
त्योहारों के मौसम में आम जनता को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जालौन जिला प्रशासन ने मिलावट के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आगामी नवरात्रि, दशहरा और दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उरई शहर में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करना और खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को दूर करना है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों सहित अन्य बड़े व्यावसायिक केंद्रों का निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने कुल छह निरीक्षण किए और पांच नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। अब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, सूखे मेवों, आटे और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जालौन ने निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति ने छापेमार कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने उरई में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की।
अभियान के दौरान खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री और आवश्यक मानकों के अनुपालन पर ध्यान दिया गया। विभाग का उद्देश्य केवल नमूने लेना ही नहीं, बल्कि कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करना भी है।
ब्लिंक कॉमर्स के प्रतिष्ठान से लिए गए चार नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने राजमार्ग स्थित पटेल नगर, उरई में ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। यहां बिक्री के लिए उपलब्ध खाद्य पदार्थों में से कुल चार नमूने संग्रहित किए गए।
इनमें कुट्टू के आटे के दो नमूने, किशमिश का एक नमूना और मूंगफली के दाने का एक नमूना शामिल है। इन खाद्य उत्पादों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिससे उनकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की स्थिति का पता लगाया जा सके।
त्योहारों के दौरान व्रत में उपयोग होने वाले कुट्टू के आटे की मांग बढ़ जाती है। वहीं किशमिश और मूंगफली जैसे उत्पाद भी घरों में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता की जांच उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, इन नमूनों में मिलावट की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अंतिम स्थिति प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विशाल मेगा मार्ट से किशमिश का नमूना संग्रहित
निरीक्षण अभियान के दौरान टीम गांधी नगर, राठ रोड, उरई स्थित एयर प्लाजा रिटेल होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के विशाल मेगा मार्ट प्रतिष्ठान पर भी पहुंची। यहां बिक्री के लिए उपलब्ध किशमिश का एक नमूना लिया गया।
खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बेची जा रही सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो। प्रयोगशाला की जांच से उत्पादों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। यदि किसी खाद्य पदार्थ में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कारोबारकर्ता के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण से उपभोक्ताओं में यह भरोसा मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क है।
अरोहना एक्सप्रेस प्रतिष्ठान को सुधार सूचना जारी
अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सुशील नगर, उरई स्थित अरोहना एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर कुछ कमियां पाए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान को सुधार सूचना जारी की गई।
इस कार्रवाई के माध्यम से कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। खाद्य पदार्थों के कारोबार में स्वच्छता, उचित रखरखाव और निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका कम की जा सके।
विभागीय कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जहां कमियां सामने आती हैं, वहां उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इससे खाद्य कारोबारियों की जवाबदेही तय करने और बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
छह निरीक्षण, पांच नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को चलाए गए अभियान के दौरान कुल छह निरीक्षण किए गए। इस कार्रवाई में खाद्य पदार्थों के पांच नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि किसी नमूने में मिलावट अथवा अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्ष के विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस प्रक्रिया में नमूना संग्रहण, प्रयोगशाला परीक्षण और रिपोर्ट के आधार पर विधिक कदम उठाना महत्वपूर्ण है। इससे कार्रवाई को जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
खाद्य कारोबारियों को मिलावट न करने की हिदायत
सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति ने बताया कि जनपद के लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित दूध, दुग्ध उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट न की जाए। कारोबारियों को गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के लिए भी हिदायत दी जा रही है।
त्योहारों के दौरान अधिक बिक्री के कारण खाद्य सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। विभाग का कहना है कि आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
अभियान में शामिल रही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार और अनिल कुमार कटियार शामिल रहे। टीम ने निर्धारित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और आवश्यकतानुसार नमूने एकत्र करने की कार्रवाई पूरी की।
जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप विभाग की टीमें खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर नजर रख रही हैं। आगामी पर्वों को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, नियमों के पालन को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
उपभोक्ता भी बरतें सावधानी
त्योहारों के समय खाद्य सामग्री खरीदते हुए उपभोक्ताओं को भी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। पैक किए गए उत्पादों की खरीदारी करते समय पैकेट पर अंकित निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, पैकेजिंग की स्थिति और अन्य जरूरी विवरण अवश्य देखें। खुले खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी स्वच्छता और रखरखाव पर ध्यान देना भी आवश्यक है।
यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दे सकते हैं। जागरूक नागरिक और सक्रिय प्रशासन मिलकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
त्योहारों में सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता
जालौन में त्योहारों से पहले शुरू किया गया यह निरीक्षण अभियान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उरई के विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए पांच नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल प्रशासन का जोर खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन कराने और आम जनता तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाने पर है। आने वाले दिनों में भी निरीक्षण जारी रहने से बाजार में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: नवरात्रि, दशहरा और दीपावली से पहले जालौन जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी तेज कर दी है। 16 अक्टूबर को छह निरीक्षणों के दौरान पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
