कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में तेल टैंक में लगी भीषण आग, दो मजदूरों की मौत से मचा हड़कंप
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश।
कानपुर देहात के जरिहा गांव क्षेत्र स्थित ‘ओम जेवी आरडी टायर फैक्ट्री’ में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फैक्ट्री परिसर में मौजूद एक तेल टैंक में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान फैक्ट्री में करीब छह मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता इतनी अधिक बताई गई कि आसपास के इलाके में भी धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। दमकल कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हादसे के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान लगी आग
प्रारंभिक तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में पुराने टायरों को गलाकर तेल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान तेल टैंक में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और सुरक्षित बचने के लिए मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।
बताया गया कि हादसे के समय फैक्ट्री में लगभग छह मजदूर कार्यरत थे। आग लगने के बाद अन्य मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो मजदूर हादसे की चपेट में आ गए। दोनों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़ी अन्य आधिकारिक जानकारियों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करीब डेढ़ घंटे तक आग बुझाने की कोशिश
आग लगने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। कुछ ही समय में दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। फैक्ट्री परिसर में आग तेजी से फैल रही थी, जिसके कारण राहत एवं बचाव दल के सामने चुनौती बढ़ गई।
दमकल कर्मियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद भी दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का जायजा लिया, ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई संभावना न रहे।
हादसे के दौरान आसपास के क्षेत्र में धुएं का घना गुबार दिखाई देने की बात भी सामने आई है। आग की लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी आलोक प्रसाद और सीओ संजय सिंह समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर में पहुंचकर हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। आग किन परिस्थितियों में लगी, उस समय फैक्ट्री में किस तरह का काम चल रहा था और सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

दो मजदूरों की मौत की सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। पुलिस द्वारा हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान और उनके परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की बात सामने आई है। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में कामकाज प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी
इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। जिस फैक्ट्री में तेल और ज्वलनशील पदार्थों से जुड़ी प्रक्रिया चलती हो, वहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी औद्योगिक इकाइयों में आग से बचाव के उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण और नियमित निरीक्षण आवश्यक होते हैं। हालांकि इस विशेष घटना में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसका निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकता है।
प्रशासन द्वारा फैक्ट्री में मौजूद उपकरणों और प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि जिस समय हादसा हुआ, उस दौरान मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय उपलब्ध थे या नहीं।
हादसे के बाद ग्रामीणों में भी चिंता
फैक्ट्री में आग लगने की खबर आसपास के गांवों तक पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास पहुंचने लगे। आग और धुएं के कारण लोगों में चिंता का माहौल बना रहा। राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न हो, इसके लिए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि फैक्ट्री में आग लगने की स्थिति में आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद इन पहलुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जानकारी में टायरों को गलाकर तेल तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान तेल टैंक में आग लगने की बात सामने आई है।
जांच टीम फैक्ट्री में लगे उपकरणों, तेल टैंक और आग के संभावित स्रोतों की जानकारी जुटा सकती है। इसके साथ ही हादसे के समय वहां मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
घटना की विस्तृत जांच के बाद यह पता चलेगा कि आग किस वजह से लगी और क्या फैक्ट्री में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
कानपुर देहात की इस घटना के बाद अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है। दो मजदूरों की मौत के कारण मामला गंभीर हो गया है। ऐसे में हादसे के कारणों की जांच के साथ-साथ फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने, घटनास्थल को सुरक्षित रखने और हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों से जुड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने की है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।